Vrindavan News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद अब हथौड़े की चोट से ही समाप्त होगा, पीठाधीश्वर कौशल किशोर ने रक्त से लिखा CM योगी को पत्र

ऐसी बेवजह की अर्जियों हमारे धर्म स्थल को मुक्त कराने में विलंब पैदा कर रही हैं, सनातन धर्म के उदार भाव के साथ भेदभाव और अन्याय हो रहा है. मुस्लिम समुदाय जानबूझकर असत्य और भ्रामक..

By INA News Desk
Mar 20, 2025 - 22:39
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Vrindavan News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद अब हथौड़े की चोट से ही समाप्त होगा, पीठाधीश्वर कौशल किशोर ने रक्त से लिखा CM योगी को पत्र

By INA News Vrindavan.

सनातन धर्म रक्षापीठ वृन्दावन के पीठाधीश्वर कौशल किशोर ठाकुर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर धर्म स्थलों से अवैध कब्जों को तोड़ने की गुजारिश की है. उन्होंने पत्र के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस को पिछले दो सालों से बिना वजह खींचा जा रहा है, मुस्लिम पक्ष जानबूझकर बेवजह की अर्जियाँ दे देकर न्याय में बाधा उत्पन्न कर रहा है.वहीं कुछ अपने ही कालनेमि जैसे लोगों का षड्यंत्र भी हमारे धर्म का अहित करने में केस की सुनवाई को लंबी खिचवा रहे हैं. ऐसे में हम सभी संतों और सनातनियों के सब्र का बाँध टूट रहा है एक हिंदू पक्षकार लंबी दाड़ी और बड़ा तिलक लगाकर स्वयं को सनातनी कहते हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस को लंबा खींचने का प्रयास कर मुस्लिम समुदाय की पैरवी उनके अधिकार मांगने की अर्जी लगाते हैं तो एक उन्ही के समर्थन वाले पक्षकार ने हिंदू होकर पूरे देश के मुस्लिम धर्म का अधिकार मांगने की अर्जी लगा दी.ऐसी बेवजह की अर्जियों हमारे धर्म स्थल को मुक्त कराने में विलंब पैदा कर रही हैं, सनातन धर्म के उदार भाव के साथ भेदभाव और अन्याय हो रहा है. मुस्लिम समुदाय जानबूझकर असत्य और भ्रामक बातों का हवाला देकर अर्ज़ी लगाते हैं और सालों साल उस अर्ज़ी पर बहस होती है. न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति सौ करोड़ भारतीय हिंदू सनातनियों की आशाओं पर पानी फेर रहा है इसलिए 20 मार्च को मैं अपने शुद्ध ताजे रक्त से लिखकर एक पत्र योगी आदित्यनाथ को भेज रहा हूँ.इलाहाबाद हाईकोर्ट में भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा मामले की सुनवाई के बाद कौशल किशोर ठाकुर व सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह

मैं सौ करोड़ हिंदू सनातनियों के एवं ब्रज के अस्तित्व स्थल की रक्षा हेतु अवैध निर्माण अवैध कब्जे को हथौड़ों से तोड़कर हमारे धर्म स्थलों को मुक्त कराने की स्वीकृति माँगना चाहता हूँ. उन्होंने आगे कहा कि मैं सनातन धर्म रक्षापीठ वृन्दावन का पीठाधीश्वर होने के नाते एवं एक संन्यास परंपरा को मानकर स्वयं को अपने धर्म के लिए समर्पित करने वाला व्यक्ति हूँ. मेरा धर्म कहता है कि कृष्ण पथ का अनुगामी बन अपने धर्म को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देनी पड़े तो दे दो मैं बस अपने धर्म के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ.कोई इसे राजनीति की दृष्टि से न देखें, हम सब त्याग करके अपने धर्म की रक्षा हेतु सन्यास को समर्पित हुए हैं. प्रभु श्री कृष्ण मेरी धर्म के प्रति समर्पित भाव एवं श्रद्धा को सदा सर्वदा जीवित रखें. अंत में उन्होंने कहा कि मेरे रक्त की एक एक बूंद मेरे धर्म के प्रति समर्पित रहेगी चाहें मैं मर ही क्यों न जाऊँ, हमारे धर्म को बचाने के लिए हमारे देश के महावीर योद्धाओं ने अपने सिर कटा दिए हम भी उन्ही के पथानुगामी हैं.

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