Hardoi: फसलों की बुवाई में करें उर्वरक के तौर डीएपी, एनपीके व एसएसपी प्रयोग
कृषकों द्वारा केवल डीएपी की मांग की जाती है तथा फसल की पोषण आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए यूरिया अलग से डालते है।
Hardoi News INA.
जिला कृषि अधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद में धान फसल की कटाई प्रारम्भ हो गया है और प्रचलित फसल के अनुसार जनपद में धान की फसल के बाद सरसों, आलू, गेहूं एवं गन्ने की फसल किसान करते है तथा सरसों और आलू की बुवाई माह अक्टूबर व गेहूं की बुवाई नम्बर तक और गन्ने की बुवाई अक्टूबर से किसान प्रारम्भ कर देगें फसलों की बुवाई में उर्वरक के तौर डीएपी, एनपीके व एसएसपी प्रयोग किया जाता है और कृषकों द्वारा केवल डीएपी की मांग की जाती है तथा फसल की पोषण आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए यूरिया अलग से डालते है।
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जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से कहा है कि सभी फसलों में एनपीके उर्वरक का प्रयोग करें, इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटास, सल्फर आदि सभी तत्व होते है जो सरसों, आलू के उत्पादन को बढ़ाते है और उत्पादन लागत भी कम आती है, इसलिए किसान वैज्ञानिक मानदण्डों के अनुसार डीएपी के अलावा एनपीके का भी प्रयोग करें।
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