जेल सुप्रिटेंडेंट के सरकारी आवास पर दो बच्चों की मां का हाई वोल्टेज ड्रामा, कहा- 'मुझसे मंदिर में शादी की और...
बिहार के समस्तीपुर जिले में सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार के सरकारी आवास पर उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया जब
बिहार के समस्तीपुर जिले में सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार के सरकारी आवास पर उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया जब एक दो बच्चों की मां ने खुद को उनकी पत्नी बताते हुए घर में रहने की जिद पर अड़ गई। महिला का दावा है कि 2022 में गया के विष्णुपद मंदिर में दोनों ने शादी रचाई थी, और उसके बाद वे पति-पत्नी की तरह साथ रहते रहे। वहीं, अधिकारी के पिता ने महिला पर ब्लैकमेल का आरोप लगाते हुए कहा कि वह झूठे दावों से उनका परिवार परेशान कर रही है। घटना 1 दिसंबर 2025 को शाम के समय घटी, जब महिला आवास के बाहर जमा हो गई और चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को शांत कराया और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू हो गई है, जो वैवाहिक विवाद से लेकर ब्लैकमेल तक फैल सकती है। समस्तीपुर के जेल अधीक्षक आवास, जो सरकारी कॉलोनी में स्थित है, पर यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला, जो मूल रूप से समस्तीपुर के ही एक ग्रामीण क्षेत्र से है, सरकारी आवास के गेट पर पहुंची और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसने दावा किया कि आदित्य कुमार ने 2022 में विष्णुपद मंदिर में उससे विवाह किया था, और उसके दो बच्चे भी हैं जो इस रिश्ते का प्रमाण हैं। महिला ने कहा कि शादी के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, और वे लगभग तीन वर्षों तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे। लेकिन अब आदित्य कुमार का परिवार उसे घर से निकालने की कोशिश कर रहा है। उसने आवास में घुसने की कोशिश की, लेकिन गार्डों ने रोक लिया। ड्रामा इतना बढ़ गया कि पड़ोसी अधिकारी भी बाहर आ गए, और हलचल मच गई। महिला ने आरोप लगाया कि आदित्य कुमार ने शादी का वादा कर उसके साथ धोखा किया, और अब बच्चे सहित उसे परित्यक्त कर दिया। स्थानीय लोग वीडियो बनाकर देखने लगे, लेकिन पुलिस ने जल्दी ही स्थिति संभाल ली।
आदित्य कुमार, जो बिहार जेल सेवा के सहायक अधीक्षक हैं, वर्तमान में समस्तीपुर जेल में तैनात हैं। उनके सरकारी आवास पर यह घटना उनके पारिवारिक जीवन को लेकर पहली बार सामने आई है। अधिकारी के पिता ने तुरंत पुलिस को बुलाया और महिला पर ब्लैकमेल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला कई महीनों से पैसे की मांग कर रही है, और झूठे दावों से परिवार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। पिता का कहना है कि कोई शादी नहीं हुई, और विष्णुपद मंदिर का नाम लेना भी झूठ है। उन्होंने दावा किया कि महिला ने आदित्य कुमार को फंसाने के लिए यह नाटक रचा है, और बच्चे भी उसके पिछले रिश्ते से हैं। पिता ने पुलिस को शिकायत दी कि महिला ने धमकी दी है कि अगर पैसे न दिए तो मामला कोर्ट में ले जाएगी। आदित्य कुमार ने भी बयान दिया कि यह सब झूठा है, और वह कभी महिला से जुड़े नहीं थे। परिवार ने कहा कि यह ब्लैकमेल का मामला है, और वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
महिला का पक्ष बिल्कुल उल्टा है, जहां वह दावा करती है कि शादी मंदिर में हुई थी, और उसके पास गवाह भी हैं। विष्णुपद मंदिर, जो गया में स्थित प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है, वहां कई जोड़े विवाह रचाते हैं। महिला ने कहा कि 2022 में आदित्य कुमार ने मंदिर में फेरे लिए, और उसके बाद वे गुप्त रूप से साथ रहने लगे। उसके दो बच्चे, एक लड़का और एक लड़की, इसी रिश्ते से हैं, और वह उनके पिता आदित्य कुमार को उनके अधिकार दिलाना चाहती है। महिला ने आरोप लगाया कि आदित्य कुमार का परिवार अमीर है, इसलिए उसे दबाने की कोशिश कर रहा है। उसने कहा कि वह बच्चों के भविष्य के लिए आवास में रहना चाहती है, और सरकारी नौकरी होने के कारण आदित्य कुमार जिम्मेदारियां निभा सकता है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह कई बार बात करने गई, लेकिन परिवार ने दरवाजा बंद कर दिया। अब वह कोर्ट जाने की धमकी दे रही है, जहां शादी के प्रमाण पेश करेगी।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें आईपीसी की धाराओं के तहत ब्लैकमेल, धोखाधड़ी और पारिवारिक विवाद शामिल हैं। समस्तीपुर के थाने में मामला दर्ज हुआ, और जांच अधिकारी ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने महिला के दावों की जांच के लिए विष्णुपद मंदिर के रिकॉर्ड चेक करने का फैसला किया, जहां विवाह रजिस्टर उपलब्ध हैं। यदि शादी हुई थी, तो मंदिर के पुजारी या गवाह बुलाए जा सकते हैं। ब्लैकमेल के आरोप पर परिवार के फोन रिकॉर्ड और मैसेजेस की जांच होगी। पुलिस ने कहा कि बच्चों की कस्टडी पर भी फैसला होगा, और डीएनए टेस्ट की संभावना है। मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने सरकारी आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि आगे ड्रामा न हो।
यह घटना बिहार में सरकारी अधिकारियों के निजी जीवन से जुड़े विवादों को उजागर करती है, जहां पारिवारिक मामले सार्वजनिक हो जाते हैं। समस्तीपुर जिला, जो दरभंगा डिवीजन में आता है, यहां जेल विभाग का प्रमुख केंद्र है। आदित्य कुमार की पोस्टिंग यहां हाल ही में हुई, और आवास सरकारी कॉलोनी में है। महिला का नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन वह स्थानीय है। 2022 में विष्णुपद मंदिर में शादियां आम हैं, खासकर धार्मिक महत्व के कारण। मंदिर बुद्ध के पैरों के निशान के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन विवाह भी होते हैं। यदि दावा सही साबित हुआ, तो यह जेल अधिकारी के करियर पर असर डालेगा।
परिवार के पिता ने बताया कि महिला ने कई बार पैसे मांगे, और अब यह ड्रामा इसलिए कर रही है क्योंकि मना कर दिया। उन्होंने कहा कि आदित्य कुमार अविवाहित हैं, और कोई रिश्ता नहीं है। पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें ब्लैकमेल की डिटेल्स हैं। आदित्य कुमार ने भी कहा कि यह साजिश है, और वह कोर्ट जाएंगे। महिला ने जवाब में कहा कि वह सबूत देगी, जैसे फोटो या मैसेज। पुलिस जांच में ये सामग्री महत्वपूर्ण होगी। बच्चों को महिला के पास रखा गया है, और उनकी देखभाल पर नजर है।
जांच प्रक्रिया में मेडिकल जांच और काउंसलिंग भी शामिल है, ताकि सच्चाई सामने आए। समस्तीपुर एसपी ने कहा कि मामला संवेदनशील है, और निष्पक्ष जांच होगी। यदि शादी साबित हुई, तो हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मान्यता मिल सकती है। ब्लैकमेल साबित होने पर आईपीसी 506 लागू होगा। घटना के बाद आवास क्षेत्र में सन्नाटा है, और पड़ोसी सतर्क हैं। यह ड्रामा स्थानीय राजनीति को भी छू सकता है, क्योंकि जेल विभाग संवेदनशील है।
महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद आदित्य कुमार ने वादा किया था कि सरकारी आवास में साथ रहेंगे, लेकिन परिवार ने विरोध किया। वह बच्चों के स्कूल और भविष्य के लिए चिंतित है। परिवार ने कहा कि बच्चे उसके पहले विवाह से हैं, और दावा झूठा है। पुलिस ने दोनों बच्चों को काउंसलिंग दी है। विष्णुपद मंदिर प्रबंधन से संपर्क किया गया है, जहां 2022 के रिकॉर्ड चेक होंगे। यदि गवाह मिले, तो मामला पलट सकता है।
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