अखिलेश यादव ने BJP-SIR पर साधा निशाना, बोले 'शादियों के मौसम में तारीखें तय कर लोगों को घर से भगाया, वोट कटवाने का षड्यंत्र'। 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

Dec 1, 2025 - 14:59
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अखिलेश यादव ने BJP-SIR पर साधा निशाना, बोले 'शादियों के मौसम में तारीखें तय कर लोगों को घर से भगाया, वोट कटवाने का षड्यंत्र'। 
अखिलेश यादव ने BJP-SIR पर साधा निशाना, बोले 'शादियों के मौसम में तारीखें तय कर लोगों को घर से भगाया, वोट कटवाने का षड्यंत्र'। 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर शादियों के सबसे व्यस्त मौसम में SIR की तारीखें तय की हैं, ताकि लोग इधर-उधर जाते रहें, एक-दूसरे की मदद करें, और इस बीच उनके वोट कट जाएं। यह बयान मुलायम सिंह यादव की जयंती पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर उन विधानसभा क्षेत्रों में 50,000 से अधिक वोटरों के नाम काटने की तैयारी कर रहे हैं, जहां 2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया। उन्होंने SIR को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए चुनाव आयोग से समयसीमा बढ़ाने की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने SIR प्रक्रिया को भाजपा की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2024 चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद SIR को हथियार बनाया। 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 255 सीटें मिली थीं, लेकिन 2024 लोकसभा में वे केवल 162 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही। वहीं, समाजवादी पार्टी, जो 2022 में 111 सीटें जीती थी, लोकसभा में 183 क्षेत्रों में आगे रही। कांग्रेस, जो 2022 में दो सीटें जीती थी, 40 क्षेत्रों में लीड कर रही। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहे हैं, जहां विपक्ष मजबूत है। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर प्रत्येक ऐसे विधानसभा क्षेत्र से 50,000 से अधिक वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में तेजी से चल रही।

यादव ने शादियों के मौसम का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ऐसी तारीखें चुनीं, जब लोग सबसे ज्यादा व्यस्त रहते हैं। शादियों के कारण परिवार इधर-उधर जाते हैं, रिश्तेदारों की मदद करते हैं, जिससे घर पर कोई नहीं मिलता। इस दौरान SIR फॉर्म भरने का दबाव पड़ता है, लेकिन लोग उपलब्ध नहीं होते। इससे वोटर सूची में गड़बड़ी हो जाती है, और नाम कटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि SIR शादियों के मौसम में न हो, और चुनाव आयोग समयसीमा बढ़ाए। यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में SIR फॉर्म वितरण के आंकड़े असंगत हैं। सरकार दावा करती है कि लाखों फॉर्म बांटे गए, लेकिन जमीनी स्तर पर यह संख्या बहुत कम है।

SIR प्रक्रिया में BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव का मुद्दा भी उठा। यादव ने कहा कि BLOs को अनावश्यक काम का बोझ दिया जा रहा, जिससे कई जगह तनाव बढ़ गया। पश्चिम बंगाल में BLOs की मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि चुनाव आयोग के हाथों पर खून लगा है। उत्तर प्रदेश में भी BLOs पर लक्ष्य पूरा करने का दबाव है, जिससे कई घटनाएं हुईं। यादव ने BLOs की मौतों पर 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की। उन्होंने कहा कि SIR फॉर्म भरने के लिए लोग व्यस्त हैं, फिर भी दबाव बनाया जा रहा। प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में की जा रही कि जमीनी स्तर पर सिस्टम तैयार नहीं। वोटर सूची शुद्धिकरण जरूरी है, लेकिन पारदर्शिता के साथ हो।

अखिलेश यादव ने SIR को संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि आज वोट कट रहा है, कल खेत, जमीन, घर, राशन कार्ड, जाति और आरक्षण से नाम हटेंगे। आगे बैंक खाते और मध्यम वर्ग के लॉकर तक पहुंच जाएगा। संविधान ने हमेशा वंचितों और गरीबों की रक्षा की, लेकिन भाजपा इसे कमजोर कर रही। संविधान दिवस पर यादव ने कहा कि भाजपा संविधान दिवस मनाती है, लेकिन 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द हटाना चाहती है। भाजपा में न समाजवाद बचा, न धर्मनिरपेक्षता। उन्होंने कहा कि संविधान बाबासाहेब का उपहार है, जो भाजपा की कोशिशों के बावजूद मजबूत रहेगा।

यादव ने उपचुनावों में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उपचुनावों में शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मतदान केंद्रों का सीसीटीवी फुटेज मांगा, लेकिन नहीं दिया गया। इससे अवैध वोटिंग का शक होता है। घोसी लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजीव राय का पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 30,000 नाम काटे जा रहे। भाजपा ने नोएडा की एक निजी कंपनी को डिजिटल वोटर सूची का विश्लेषण करने का ठेका दिया। कंपनी बूथ-वार डेटा, मोबाइल नंबर आदि इकट्ठा कर रही। यह सार्वजनिक डेटा से स्क्रैपिंग कर रही।

यादव ने SIR को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले सहयोगियों को कमजोर करती है, फिर खत्म। विपक्षी दलों से एकजुट होकर भाजपा के वोट कटवाने के षड्यंत्र का विरोध करने की अपील की। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता SIR फॉर्म भरने में वोटरों की मदद करेंगे, बूथ स्तर पर समर्थन जुटाएंगे। 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज। यादव ने कहा कि SIR से लाखों लोगों का वोट का अधिकार छीना जा रहा। भाजपा संविधान में दिए वोट के अधिकार को समाप्त करना चाहती। पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में SIR के माध्यम से वोट काटने की साजिश।

SIR प्रक्रिया 12 राज्यों में चल रही, जिसमें उत्तर प्रदेश प्रमुख। BLOs घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे। विपक्ष का कहना है कि यह गरीब और वंचित वर्गों को निशाना बना रही। दस्तावेजों की कमी से नाम कटने का खतरा। यादव ने स्पष्ट SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया) जारी करने की मांग की। राजनीतिक दलों के लिए SIR में भागीदारी के नियम बनें। कन्नौज जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा। वहां भी नाम काटे जा रहे। यादव ने एक ऑडियो क्लिप चलाई, जिसमें एसडीएम और किसी अन्य की बातचीत SIR की तकनीकी समस्याओं पर।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा प्रयागराज में महाकुंभ से पहले मुलायम सिंह की प्रतिमा हटा सकती है, तो वोटरों के नाम भी काट सकती। SIR को अवैध वोटिंग रोकने का बहाना बताया। उन्होंने कहा कि SIR में जल्दबाजी से गड़बड़ियां हो रही। अनट्रेंड लोगों को जटिल काम सौंपा गया। फॉर्म वितरण के आंकड़े गलत। यादव ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की। SIR को रुकवाने की कोशिश। समाजवादी पार्टी ने SIR पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वोटरों को जागरूक करें। फॉर्म भरने में सहायता दें। यादव ने कहा कि भाजपा की साजिश विपक्ष को कमजोर करने की। लेकिन जनता जागरूक हो रही। 2024 चुनावों के नतीजे इसका प्रमाण। SIR से प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।

SIR विवाद संसद सत्र में भी पहुंचा। विपक्ष ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिए। राज्यसभा में भी चर्चा की मांग। यादव ने कहा कि SIR से लोकतंत्र कमजोर हो रहा। वोटरों का अधिकार संवैधानिक है। भाजपा इसे छीन रही। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दावों का समर्थन। BLOs पर तनाव से मौतें। भाजपा की टिप्पणियां परिवारों के प्रति असंवेदनशील। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेटा पेश किया। 2024 लोकसभा में भाजपा का ग्राफ गिरा। SIR इसी का परिणाम। यादव ने कहा कि भाजपा सहयोगियों को पहले कमजोर करती, फिर समाप्त। विपक्ष एकजुट हो। SIR को लोकतंत्र पर हमला। यादव ने समयसीमा बढ़ाने की मांग दोहराई।

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