Sambhal: GST छापों के खिलाफ सर्राफा व्यापारियों का बाजार बंद, बोले– “जांच के नाम पर उत्पीड़न, भय के माहौल में ठप हुआ कारोबार। 

सम्भल में GST विभाग की लगातार छापामार कार्रवाई के विरोध में सर्राफा व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध

By INA News Desk
Feb 5, 2026 - 17:58
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Sambhal: GST छापों के खिलाफ सर्राफा व्यापारियों का बाजार बंद, बोले– “जांच के नाम पर उत्पीड़न, भय के माहौल में ठप हुआ कारोबार। 
सर्राफा व्यापारी

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल में GST विभाग की लगातार छापामार कार्रवाई के विरोध में सर्राफा व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया और जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना है कि बीते 15 दिनों में तीन–चार बार GST अधिकारियों द्वारा छापे डाले गए, जिससे पूरे बाजार में भय का माहौल बन गया है और कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

व्यापारी नेता शाहिद मंसूरी ने कहा कि हाल ही में यह सहमति बनी थी कि व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर ही जांच की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद अचानक छापामारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छापे के दौरान व्यापारियों के मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए जाते हैं, जिससे न सिर्फ व्यापारी बल्कि ग्राहक भी बाजार आने से डर रहे हैं। शाहिद मंसूरी ने कहा, “पहले ही व्यापार मंदा है, ऊपर से इस तरह की कार्रवाई से बाजार बंद जैसी स्थिति बन गई है।” वहीं अधिकारियों द्वारा इसे बड़े GST चोरी का मामला बताए जाने पर व्यापारियों ने सवाल खड़े किए हैं। व्यापारी नेताओं का कहना है कि इससे पहले भी कई बार छापे पड़े, लेकिन GST चोरी जैसा कोई ठोस मामला सामने नहीं आया।

उनका आरोप है कि यह कार्रवाई सिर्फ व्यापारियों को डराने और परेशान करने का तरीका बन चुकी है। सर्राफा व्यापारियों ने भी विभागीय कार्रवाई पर नाराजगी जताई। एक सर्राफ व्यापारी ने कहा, “जो ज्यादा टैक्स देता है, वही ज्यादा फंसता है। जो टैक्स नहीं देता, उससे कोई पूछताछ तक नहीं करता। सोना-चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं, इसी वजह से सभी विभागों की निगाहें सर्राफा कारोबार पर लगी हुई हैं।” उन्होंने बताया कि शहर में इस तरह की यह तीसरी-चौथी घटना है, जो व्यापार के लिए ठीक संकेत नहीं है।
व्यापारियों ने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा दी जाए और जांच के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को तुरंत बंद किया जाए। धरने की अवधि को लेकर व्यापारियों ने साफ किया कि जब तक अधिकारी लिखित या ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। व्यापारियों के इस आंदोलन से शहर का सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद रहा और आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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