Hardoi News: आध्यात्मिकता व भक्ति मार्ग पर चलकर संतों भक्तों ने परमात्मा को साधा है- आचार्य अशोक

मण्डलाध्यक्ष आचार्य अशोक ने कहा कि परमेश्वर के ध्यान और भजन से ही समग्र जीवन का कल्याण संभव है।उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता....

Jun 16, 2025 - 17:47
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Hardoi News: आध्यात्मिकता व भक्ति मार्ग पर चलकर संतों भक्तों ने परमात्मा को साधा है- आचार्य अशोक

रिपोर्ट- अम्बरीष कुमार सक्सेना
हरदोई। संविलियन विद्यालय, सिकंदरपुर कल्लू के सामने मैदान में आयोजित शिव सत्संग मण्डल के आंचलिक धर्मोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए। मण्डलाध्यक्ष आचार्य अशोक ने कहा कि परमेश्वर के ध्यान और भजन से ही समग्र जीवन का कल्याण संभव है।उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता व भक्ति मार्ग पर चलकर संतों भक्तों ने परमात्मा को साधा है।उन्होंने कहा कि एक गृहस्थ व्यक्ति के लिए यही उचित है कि वह भक्ति और कर्म के मार्ग पर अग्रसर रहे।

धर्मोत्सव में शाहजहाँपुर के जिला प्रमुख डॉ कालिका प्रसाद ने कहा कि शिव सत्संग मण्डल समाज में आध्यात्मिक चेतना की अलख जगा रहा है।ध्यान और भजन  से मानसिक शांति मिलती है, जो सफल एवं सुखद मानव जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने  कहा कि समाज में चेतना जागृत करके हमें अपने जीवन में विकारों को त्याग कर परमपिता परमात्मा से सच्चा प्रेम और समर्पण रखना चाहिए। उन्होंने शिव सत्संग मण्डल की ओर से संचालित की जा रही गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

व्यवस्था प्रमुख यमुना प्रसाद ने बताया कि शिव, चेतना की जागृत, निद्रा और स्वप्न अवस्था के परे हैं| शिव समाधि हैं - चेतना की चौथी अवस्था, जिसे केवल ध्यान में ही प्राप्त किया जा सकता है| समाधि में मन पूरी तरह समभाव में रहता है| यह एक ही समय में शांत भी है और पूरी तरह जागरूक भी|
 वरिष्ठ सत्संगी रामअवतार, प्रेम कुमार, हनुमंत, सुदामा देवी, अधिवक्ता राम अवतार, शिक्षक विमल कुमार, श्री केशन आदि ने बताया कि शिव वह चेतना है जहाँ से सब कुछ आरम्भ होता है, जहाँ सबका पोषण होता है और जिसमें सब कुछ विलीन हो जाता है| आप कभी 'शिव' के बाहर नहीं हैं क्योंकि पूरी सृष्टि ही शिव में विद्यमान है| आपका मन, शरीर सब कुछ केवल शिव तत्व  से ही बना हुआ है, इसीलिए शिव को 'विश्वरूप' कहते हैं जिसका अर्थ है कि सारी सृष्टि उन्हीं का रूप है|

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 सत्संगी नन्हें लाल ने ध्यान और भजन को समग्र जीवन की सफलता का आधार बताया।
सत्संगी सोमपाल ने भजन से लाभ,रामौतार ने दान की महिमा, इंस्पेक्टर ने सत्संग की महिमा,रवि वर्मा ने विविध मत मतांतरों पर चर्चा की एवं  शाकाहार को जीवन का आधार बताया।
भजनोपदेशक,भैयालाल,राज कुमार एवं योग प्रशिक्षक सत्यम सक्सेना,धनीराम, आशा राम,राम बहोरन, सोमवती,वविता, सौम्य,रागिनी, नैन्सी, अमृता, मानवी, सुहानी, मनीष, ऋषभ व आयुष
आदि ने प्रेरणादाई भजन सुनाए।

मण्डल के रवि वर्मा एवं डॉ अजय पाल सिंह के संयुक्त संचालन में हुए धर्मोत्सव का शुभारम्भ प्रमुख प्रचारक प्रेम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं बहन बेबी की सामूहिक ईश प्रार्थना से हुआ।
 समापन पर सभी सत्संगी बन्धुओं और बहनों ने रोजाना ब्रह्ममुहुर्त में उठकर परमेश्वर का सुमिरन करने का शिव संकल्प लिया।

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