बांग्लादेश में लगातार हिंदू युवकों पर हमले, 15 दिनों में तीन हत्याएं, दीपू चंद्र दास के बाद एक और युवक की गोली मारकर हत्या
फैक्ट्री में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपशब्द कहे। भीड़ ने उन्हें फैक्ट्री के अंदर ही पीटा, फिर बाहर ले जाकर लाठियों से मारा, ए
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मयमनसिंह जिले में 30 दिसंबर 2025 को एक और हिंदू युवक की हत्या हुई है, जो पिछले 15 दिनों में इस जिले का तीसरा मामला है। यह घटना उसी मयमनसिंह जिले में हुई है, जहां 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास नामक 27 वर्षीय हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और उसके शव को बीच चौराहे पर जलाया गया था। दीपू चंद्र दास, जो एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करते थे, पर इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। आरोप के अनुसार, फैक्ट्री में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपशब्द कहे। भीड़ ने उन्हें फैक्ट्री के अंदर ही पीटा, फिर बाहर ले जाकर लाठियों से मारा, एक पेड़ पर लटकाया और शव को आग लगा दी। शव को ढाका-मयमनसिंह हाईवे के किनारे छोड़कर फिर से जलाया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने शव को बरामद कर मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच में पाया गया कि धार्मिक अपमान का कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला और न ही कोई गवाह ऐसा दावा कर सका।
इस घटना के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इसकी निंदा की और कहा कि ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। रैपिड एक्शन बटालियन ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो बाद में बढ़कर 12 हो गए। पीड़ित के भाई ने 140-150 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसके बाद 24 दिसंबर 2025 को राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल उर्फ सम्राट नामक 29 वर्षीय हिंदू युवक की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। आरोप था कि वह उक्त क्षेत्र में जबरन वसूली करने आया था। पुलिस ने कहा कि वह एक अपराधी था और उसके खिलाफ हत्या सहित कई मामले दर्ज थे। वह सम्राट बहिनी नामक गिरोह का प्रमुख था। भीड़ ने उसे होसाइंदंगा पुराने बाजार में पीट-पीटकर मार डाला। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह घटना साम्प्रदायिक नहीं बल्कि आपराधिक वसूली से जुड़ी थी।
फिर 30 दिसंबर 2025 को मयमनसिंह के भालुका उपजिला में एक और हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास की हत्या हुई। 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास, जो सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड गारमेंट फैक्ट्री में अंसार (सुरक्षा समिति) सदस्य के रूप में ड्यूटी पर थे, को उनके सहकर्मी नोमान मियां ने गोली मार दी। गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोली अनजाने में चली, लेकिन मोटिव स्पष्ट नहीं है। यह घटना उसी भालुका क्षेत्र में हुई है, जहां दीपू चंद्र दास की हत्या हुई थी। ये तीनों घटनाएं पिछले 15 दिनों में हुई हैं, जिससे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ये मामले राजनीतिक अस्थिरता और हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आए हैं, जिसमें युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या भी शामिल है। अंतरिम सरकार ने हिंसा की निंदा की है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया है, लेकिन जांच जारी है।
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