Hardoi : हरदोई के अशरफ टोला में भागवत कथा, ध्रुव चरित्र पर प्रवचन, सफलता के पांच साधन बताए
तीसरा परिश्रम, बिना जिसके कोई लक्ष्य पूरा नहीं होता। चौथा प्रारब्ध, यानी पूर्व जन्म के कर्मों का फल। और पांचवां तथा सबसे बड़ा ईश्वर की कृपा है। आचार्य ने कहा कि ध्रुव
हरदोई के अशरफ टोला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन पांचाल घाट, फर्रुखाबाद से आए आचार्य रमेश चंद्र पांडे ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने प्रवचन में धन और सफलता के पांच महत्वपूर्ण साधनों पर चर्चा की। पहला साधन माता-पिता का आशीर्वाद है, जो जीवन की पहली शक्ति है। दूसरा गुरु की कृपा, जो सही मार्गदर्शन और अच्छी बुद्धि देती है।
तीसरा परिश्रम, बिना जिसके कोई लक्ष्य पूरा नहीं होता। चौथा प्रारब्ध, यानी पूर्व जन्म के कर्मों का फल। और पांचवां तथा सबसे बड़ा ईश्वर की कृपा है। आचार्य ने कहा कि ध्रुव ने इन सभी साधनों का पालन कर अक्षय राज्य और भगवान की कृपा प्राप्त की।
कथा आयोजन समिति से मनीष चतुर्वेदी, गरिमा चतुर्वेदी और तनुष चतुर्वेदी ने आए श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। कथा स्थल पर भक्ति भाव और आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
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