Lucknow : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से प्रदेश को नई औद्योगिक गति
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा 01 फरवरी, 2026 को जनपद कौशाम्बी से बरेली, सहारनपुर, कौशाम्बी एवं अयोध्या जनपदों में स्थापित
महिला स्वयं सहायता समूहों एवं नव उद्यमियों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव रख रही है। कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर सूक्ष्म उद्यमियों, स्टार्टअप्स और महिला स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं बाजार से जोड़ने का कार्य करेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है, पीएम एफएमई योजना का उद्देश्य प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन देना, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना, नव उद्यमियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 14 जनपदों मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बरेली, झांसी, लखनऊ, कौशाम्बी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, वाराणसी, मिर्जापुर, अलीगढ़ एवं कानपुर देहात में कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा 01 फरवरी, 2026 को जनपद कौशाम्बी से बरेली, सहारनपुर, कौशाम्बी एवं अयोध्या जनपदों में स्थापित कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरों का उद्घाटन जायेगा। खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर–कौशाम्बी, अयोध्या, बरेली एवं सहारनपुर के लिए भारत सरकार द्वारा क्रमशः रू339.10 लाख, रू 335.50 लाख, रू 327.50 लाख एवं रू 337.02 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। इन केंद्रों में अमरूद, दुग्ध, बेकरी उत्पाद, शहद, फल एवं सब्जी, हल्दी, रेडी-टू-ईट स्नैक्स तथा गुड़ प्रसंस्करण से संबंधित आधुनिक एवं उन्नत मशीनों की स्थापना की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा मिलेगा।
कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरों के संचालन हेतु ऑपरेशन एवं मैनेजमेंट एजेंसियों का चयन कर लिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पादन प्रक्रिया से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस योजना के अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं समूहों को अपने उत्पादों के निर्माण हेतु भारी पूंजीगत निवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, इन केंद्रों का उपयोग प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं कौशल उन्नयन के लिए भी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जनवरी, 2026 तक प्रदेश में कुल 22,787 इकाइयो की स्वीकृत की जा चुकी हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में 5,937इकाइयो की स्वीकृत की गयी है। स्वीकृति का स्ट्राइक रेट उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025–26 में रू 244.34 करोड़ की अनुदान राशि संबंधित उद्यमियों को वितरित की जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा ने बताया कि प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को नई गति मिली है।
Also Click : Ayodhya : अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार, 2024.90 लाख से बन रहे भरत द्वार का 90 फ़ीसदी कार्य पूरा
What's Your Reaction?











