ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला- दिल्ली में CEC से मुलाकात के बाद कहा, भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं, 2 करोड़ नाम हटाए

ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को चुनौती दी गई है। याचिका में चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्ष

By INA News Desk
Feb 2, 2026 - 23:37
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ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला- दिल्ली में CEC से मुलाकात के बाद कहा, भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं, 2 करोड़ नाम हटाए
ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला- दिल्ली में CEC से मुलाकात के बाद कहा, भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं, 2 करोड़ नाम हटाए
  • दिल्ली में चुनाव आयोग के बाहर ममता बनर्जी का बयान: SIR में 58 लाख नाम कटे, CEC को धनखड़ जैसा हाल होगा, भाजपा एजेंट बने हैं
  • ममता बनर्जी ने CEC को 'अहंकारी और झूठा' कहा: दिल्ली मुलाकात में अपमान का आरोप, वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम हटाने का दावा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है तथा पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वे दिल्ली में लाखों लोगों को ला सकती हैं और उन्हें किसी के भी सामने परेड करवा सकती हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को नई दिल्ली पहुंचीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर थी। मुलाकात में ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल थे। बैठक में 12 प्रभावित मतदाता थे जिनमें से पांच को मृत घोषित कर दिया गया था और उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।

मुलाकात के बाद ममता बनर्जी चुनाव आयोग के बाहर मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि वे बहुत दुखी हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को अहंकारी और झूठा बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने राजनीति में लंबा समय बिताया है लेकिन ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनका हाल जगदीप धनखड़ जैसा होगा।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि उन्होंने जो कुछ भी किया है वह सही है। उन्होंने किसी भी बाहरी कैमरामैन को अंदर नहीं आने दिया। वे भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि करीब 2 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में लाखों लोगों को यहां ला सकती हूं और मैं उन्हें किसी के भी सामने परेड करवा सकती हूं।

ममता बनर्जी ने कहा कि बैठक में उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में 58 लाख नाम हटाए गए हैं और प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि क्यों केवल बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। अन्य चुनाव वाले राज्यों को क्यों छोड़ दिया गया। असम में भाजपा सरकार है वहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन नहीं किया गया। ममता बनर्जी ने काली शॉल ओढ़कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव उत्सव है लेकिन नाम हटाकर अधिकार छीने जा रहे हैं। मुलाकात के दौरान तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के रवैये पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने अपमानजनक बताया लेकिन ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपमानित और अपमानित महसूस कर रहे हैं।

यह विवाद पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़ा है। ममता बनर्जी ने पहले भी कई बार आरोप लगाए हैं कि इस प्रक्रिया में 54 लाख से ज्यादा नाम अवैध रूप से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-चुनाव आयोग का गठजोड़ है और एक करोड़ से ज्यादा नाम और हटाने की योजना है। ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को चुनौती दी गई है। याचिका में चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी वोटर लिस्ट पर ही विधानसभा चुनाव कराए जाएं। उन्होंने आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया से लाखों योग्य मतदाता वोटिंग अधिकार से वंचित हो जाएंगे और लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि अल्पसंख्यक समुदाय के नाम विशेष रूप से निशाना बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल मालदा जिले में ही 90 हजार नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम विशेष रूप से हटाए जा रहे हैं क्योंकि सरनेम में बदलाव के कारण। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि बैठक में गलत आरोप लगाए गए तथा टेबल थपथपाकर और अपमानजनक व्यवहार किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रक्रिया निष्पक्ष है और सभी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है। ममता बनर्जी दिल्ली में पहुंचने पर बंगा भवन के बाहर दिल्ली पुलिस से भी भिड़ंत हुई। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भारी तैनाती का आरोप लगाया और कहा कि दिल्ली डर गया है। उन्होंने कहा कि हम न्याय के लिए आए हैं और ऐसी धमकियां नहीं चलेंगी।

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