9,500 फीट की दुर्गम ऊंचाई पर द्ज़ुको वैली फॉरेस्ट फायर पर Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने चुनौतियों का सामना करते हुए पानी गिराया, तीन दिन में 40,000 लीटर का प्रयास
आग द्ज़ुको वैली के दक्षिणी हिस्से में लगी थी और यह कई दिनों से जल रही थी। आग द्ज़ुको हेलीपैड क्षेत्र के आसपास केंद्रित थी और आसपास के परिदृश्य को नुकसान पहुंचा रही थी। भारतीय वायु
- भारतीय वायुसेना ने मणिपुर-नागालैंड सीमा पर द्ज़ुको वैली में लगी भीषण जंगल की आग बुझाने के लिए Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों से पानी बरसाया, तीन दिनों में 40,000 लीटर पानी गिराया गया
- द्ज़ुको वैली की जंगल आग पर भारतीय वायुसेना का एरियल ऑपरेशन, 9,500 फीट ऊंचाई पर तेज हवाओं और कम दृश्यता में Mi-17V5 से पानी ड्रॉप
- मणिपुर के द्ज़ुको वैली में भीषण जंगल आग नियंत्रण के लिए वायुसेना ने तीन दिनों तक अभियान चलाया, कुल 40,000 लीटर पानी गिराकर मदद प्रदान की
भारतीय वायुसेना ने मणिपुर में द्ज़ुको वैली की भीषण जंगल की आग पर नियंत्रण पाने के लिए Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया। इस ऑपरेशन में 9,500 फीट की ऊंचाई पर तेज हवाओं और कम दृश्यता जैसी चुनौतियों के बीच काम किया गया। तीन दिनों के दौरान कुल 40,000 लीटर पानी गिराया गया। द्ज़ुको वैली नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है और यहां जंगल की आग लगी हुई थी। भारतीय वायुसेना ने Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों को तैनात किया जो बंबी बकेट का उपयोग करके पानी गिराने का काम कर रहे थे। यह ऑपरेशन सिविल अथॉरिटीज को सपोर्ट देने के लिए किया गया।
ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टरों ने कई सॉर्टी कीं। 9,500 फीट की ऊंचाई पर पतली हवा और दुर्गम इलाका होने के कारण यह काम जटिल था। तेज हवाओं और कम दृश्यता ने चुनौतियां बढ़ाईं लेकिन हेलिकॉप्टरों ने पानी ड्रॉप किया। पहले दिन या शुरुआती दौर में 17,000 लीटर पानी गिराया गया। यह आंकड़ा भारतीय वायुसेना के बयान से जुड़ा है जहां कहा गया कि Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने द्ज़ुको वैली के क्षेत्रों में आग बुझाने में मदद की और 17,000 लीटर पानी गिराया। इसके बाद अभियान जारी रहा और तीन दिनों में कुल 40,000 लीटर पानी गिराया गया। यह पानी विभिन्न स्रोतों से भरकर गिराया गया और आग पर काबू पाने में सहायता प्रदान की।
आग द्ज़ुको वैली के दक्षिणी हिस्से में लगी थी और यह कई दिनों से जल रही थी। आग द्ज़ुको हेलीपैड क्षेत्र के आसपास केंद्रित थी और आसपास के परिदृश्य को नुकसान पहुंचा रही थी। भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने बंबी बकेट ऑपरेशन चलाया। यह ऑपरेशन 30 जनवरी से शुरू हुआ और कई राउंड में किया गया। बाद में चार राउंड बंबी बकेट ऑपरेशन की बात आई। आग नागालैंड और मणिपुर दोनों राज्यों को प्रभावित कर रही थी और माउंट Iso तक फैल गई थी जो मणिपुर का सबसे ऊंचा पीक है।
ऑपरेशन में पूर्वी वायु कमान के हेलिकॉप्टर शामिल थे। बाद में बादलों के कारण कुछ समय के लिए एरियल प्रयास रोके गए लेकिन फिर जारी रखे गए। तीन दिनों के प्रयास से कुल 40,000 लीटर पानी गिराया गया जो आग बुझाने में महत्वपूर्ण था। यह पानी उच्च ऊंचाई पर गिराया गया जहां ग्राउंड टीम पहुंचना मुश्किल था। द्ज़ुको वैली एक संवेदनशील इकोलॉजिकल क्षेत्र है और आग से पर्यावरण को नुकसान हो रहा था। भारतीय वायुसेना का यह अभियान सिविल अथॉरिटीज के साथ समन्वय में किया गया।
ऑपरेशन के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही थी और सर्विलांस जारी था। आग मुख्य रूप से नियंत्रण में आने की उम्मीद जताई गई। यह ऑपरेशन उच्च ऊंचाई पर जंगल की आग बुझाने का उदाहरण था जहां Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पानी गिराने के लिए कई सॉर्टी की गईं और चुनौतियों का सामना किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में अलग-अलग दिनों के पानी की मात्रा बताई गई जैसे एक दिन में 17,000 लीटर लेकिन कुल तीन दिनों में 40,000 लीटर पहुंचा। यह अभियान द्ज़ुको वैली की आग पर केंद्रित था जो मणिपुर में स्थित है लेकिन वैली दोनों राज्यों में फैली है। भारतीय वायुसेना ने आग बुझाने में क्रिटिकल सपोर्ट दिया और हेलिकॉप्टरों ने पानी ड्रॉप करके मदद की।
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