मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद प्रतिकृति की नींव रखने के बाद समर्थकों ने पत्रकारों पर हमला किया बेलडांगा में घटना दर्ज।
हुमायूं कबीर ने दिसंबर दो हजार पच्चीस को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखी। यह कार्यक्रम छह दिसंबर
- हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखी समर्थकों की भीड़ ने रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को बंधक बनाया और लूटा
- पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद प्रतिकृति निर्माण स्थल पर पत्रकारों पर हमला हुमायूं कबीर समर्थकों ने किया
हुमायूं कबीर ने दिसंबर दो हजार पच्चीस को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखी। यह कार्यक्रम छह दिसंबर को हुआ जो एक हजार नौ सौ बानबे में बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ है। हुमायूं कबीर उस समय तृणमूल कांग्रेस से निलंबित थे। उन्होंने रेजीनगर में इस कार्यक्रम को आयोजित किया। कार्यक्रम में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय बलों की तैनाती थी। कार्यक्रम में हुमायूं कबीर ने संबोधन किया। उन्होंने भावनात्मक प्रतिकर का जिक्र किया।
- नींव रखने की घटना और कार्यक्रम का विवरण
छह दिसंबर दो हजार पच्चीस को बेलडांगा में कार्यक्रम हुआ। हुमायूं कबीर ने नींव रखी। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण होगा। उन्होंने संवैधानिक अधिकार का जिक्र किया। कार्यक्रम में चार सौ लोगों के आसपास की भीड़ रही। कार्यक्रम में कोई राजनीतिक भाषण नहीं था। कार्यक्रम में कुरान पाठ हुआ। सुरक्षा के कारण क्षेत्र को नियंत्रित किया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। कोई टकराव नहीं हुआ। हुमायूं कबीर ने कहा कि निर्माण तीन साल में पूरा होगा।
- पत्रकारों पर हमले की घटना
तीस दिसंबर दो हजार पच्चीस को निर्माण स्थल पर रिपोर्टिंग करते समय पत्रकार अभिषेक शांडिल्य और कैमरामैन आदित्य मिश्रा पर हमला हुआ। हुमायूं कबीर के समर्थकों की भीड़ ने उन पर हमला किया। भीड़ ने उन्हें बंधक बनाया। प्लास्टिक पाइप से बांधने की कोशिश की। लिंच करने की कोशिश की। उपकरण लूट लिए गए। माइक्रोफोन और कैमरा लूटे गए। उपकरण की कीमत चार लाख रुपये बताई गई। चालीस मिनट का फुटेज लूट लिया गया। हमला सुनियोजित था।
- पुलिस की भूमिका और बचाव
मुर्शिदाबाद पुलिस ने पत्रकारों को भीड़ से बचाया। पुलिस ने उन्हें तुरंत क्षेत्र छोड़ने को कहा। भीड़ से बचाने के लिए सलाह दी। पुलिस ने माइक्रोफोन बरामद किया लेकिन कैमरा और फुटेज नहीं लौटाया। पुलिस ने पत्रकारों को सुरक्षित निकलने में मदद की।
हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस से निलंबित थे। उन्होंने जनता उन्नयन पार्टी बनाई। वे मुर्शिदाबाद से विधायक थे। उन्होंने बाबरी मस्जिद प्रतिकृति का प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम के बाद विवाद बढ़ा। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निलंबित किया।
- कार्यक्रम में नारेबाजी और अन्य गतिविधियां
कार्यक्रम में हुमायूं कबीर जिंदाबाद के नारे लगे। ईंटें इकट्ठा करने की खबर थी। कार्यक्रम में कोई हिंसा नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी।
छह दिसंबर को नींव रखी गई। तीस दिसंबर को पत्रकारों पर हमला हुआ। निर्माण कार्य गुप्त रूप से हो रहा था। पत्रकार रिपोर्टिंग के लिए गए थे। भीड़ ने उपकरण लूटे।
हुमायूं कबीर ने दिसंबर दो हजार पच्चीस में मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखी। कार्यक्रम छह दिसंबर को हुआ। कार्यक्रम में सुरक्षा थी। तीस दिसंबर को उनके समर्थकों ने पत्रकारों पर हमला किया। पत्रकारों को बंधक बनाया गया। उपकरण लूटे गए। पुलिस ने बचाया। हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस से निलंबित थे। उन्होंने जनता उन्नयन पार्टी बनाई। कार्यक्रम में नारे लगे। कोई टकराव नहीं हुआ।
What's Your Reaction?











