भारतीय रेलवे में अतिरिक्त सामान पर कोई नया किराया नहीं लगेगा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खबरों का किया खंडन। 

Indian Railways: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 अगस्त 2025 को स्पष्ट किया कि ट्रेनों में अतिरिक्त सामान ले जाने

Aug 22, 2025 - 11:33
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भारतीय रेलवे में अतिरिक्त सामान पर कोई नया किराया नहीं लगेगा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खबरों का किया खंडन। 
भारतीय रेलवे में अतिरिक्त सामान पर कोई नया किराया नहीं लगेगा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खबरों का किया खंडन। 

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 अगस्त 2025 को स्पष्ट किया कि ट्रेनों में अतिरिक्त सामान ले जाने पर कोई नया किराया या जुर्माना लगाने की योजना नहीं है। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रेलवे हवाई यात्रा की तर्ज पर सामान के वजन की जांच करेगा और ज्यादा सामान पर अतिरिक्त शुल्क वसूलेगा। इन खबरों को खारिज करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों के सामान को लेकर दशकों पुराने नियम ही लागू रहेंगे और कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है। इस बयान ने करोड़ों रेल यात्रियों की चिंताओं को दूर किया है, जो अतिरिक्त शुल्क की अफवाहों से परेशान थे। रेल मंत्री ने आजतक के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि भारतीय रेलवे में सामान की सीमा को लेकर जो नियम पहले से हैं, वही प्रभावी रहेंगे।

उन्होंने बताया कि यात्रियों को उनके टिकट की श्रेणी के आधार पर मुफ्त सामान की सीमा दी जाती है, और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। उदाहरण के लिए, प्रथम श्रेणी वातानुकूलित (एसी फर्स्ट क्लास) में यात्रा करने वाले यात्री 70 किलोग्राम तक सामान मुफ्त ले जा सकते हैं, जबकि वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (एसी 2-टियर) में 50 किलोग्राम, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (एसी 3-टियर) और स्लीपर क्लास में 40 किलोग्राम, और द्वितीय श्रेणी (सेकंड सिटिंग) में 35 किलोग्राम तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है। इसके अलावा, यात्रियों को अतिरिक्त सामान ले जाने के लिए पार्सल वैन में बुकिंग की सुविधा भी दी जाती है, जिसके लिए तय शुल्क देना होता है। अश्विनी वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों पर सामान तौलने के लिए कोई नई मशीनें नहीं लगाई जा रही हैं, जैसा कि कुछ खबरों में दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक और किफायती यात्रा प्रदान करना है, न कि उन पर अनावश्यक बोझ डालना। रेल मंत्री ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि अगर कोई यात्री निर्धारित सीमा से ज्यादा सामान ले जाता है, तो उसे पहले की तरह पार्सल कार्यालय में सामान बुक करना होगा, और इसके लिए कोई नई नीति लागू नहीं की गई है।

यह खबर उस समय आई जब कुछ मीडिया हाउस ने दावा किया कि भारतीय रेलवे दिसंबर 2026 से हवाई यात्रा की तरह सख्त सामान नियम लागू करेगा। इन खबरों में कहा गया था कि स्टेशनों पर सामान की जांच होगी और अतिरिक्त सामान पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि केवल टिकट धारकों को ही स्टेशन में प्रवेश की अनुमति होगी, और गैर-यात्रियों को 'विजिटर पास' लेना होगा। हालांकि, रेल मंत्री ने इन सभी खबरों को निराधार बताया और कहा कि ऐसी कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। भारतीय रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार, यात्री अपनी यात्रा श्रेणी के आधार पर निर्धारित सीमा तक सामान मुफ्त ले जा सकते हैं।

अगर सामान इस सीमा से अधिक है, तो उसे पार्सल वैन में बुक करना होता है, जिसके लिए 1.5 गुना सामान दर के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई यात्री 500 किलोमीटर की यात्रा के लिए 40 किलोग्राम अतिरिक्त सामान ले जाना चाहता है, तो उसे पार्सल कार्यालय में केवल 109 रुपये का शुल्क देना होगा। लेकिन अगर यात्री बिना बुकिंग के अतिरिक्त सामान ले जाता है और जांच के दौरान पकड़ा जाता है, तो उसे छह गुना जुर्माना देना पड़ सकता है, जो इस मामले में 654 रुपये हो सकता है। यह नियम वर्षों से लागू है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। रेल मंत्री ने घोषणा की कि आगामी दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह फैसला बिहार और पूर्वी भारत के लाखों यात्रियों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो इन त्योहारों के दौरान अपने घरों को लौटते हैं। इस घोषणा में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कुछ सांसद भी मौजूद थे।

सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हुई। कई यूजर्स ने रेल मंत्री के इस स्पष्टीकरण की सराहना की और कहा कि इससे आम यात्रियों को राहत मिली है। एक यूजर ने लिखा, "रेलवे का यह फैसला स्वागत योग्य है। आम लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं, और अतिरिक्त सामान पर शुल्क लगाना उनकी मुश्किलें बढ़ा देता।" वहीं, कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि रेलवे को सामान की बुकिंग प्रक्रिया को और आसान करना चाहिए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।

भारतीय रेलवे ने हमेशा से यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाओं को बढ़ाया है। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को किफायती और आरामदायक यात्रा प्रदान करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। यह खबर उन लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी है जो भारतीय रेलवे से रोजाना यात्रा करते हैं। खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए, जो अक्सर अपने साथ सामान ले जाते हैं, यह स्पष्टीकरण एक बड़ी राहत है। रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्रियों को विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, खाली गैस सिलेंडर, मृत पोल्ट्री, एसिड और अन्य संक्षारक पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, सामान को अच्छी तरह से पैक करना और उस पर अंग्रेजी या हिंदी में स्पष्ट पता लिखना अनिवार्य है।

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