अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान: 6 फरवरी तक एससी-एसटी एक्ट वापस न लिया तो 7 फरवरी से दिल्ली कूच।
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ दिल्ली कूच की चेतावनी दी है। उन्होंने केंद्र
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ दिल्ली कूच की चेतावनी दी है। उन्होंने केंद्र सरकार को 6 फरवरी तक अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो 7 फरवरी से देशव्यापी आंदोलन शुरू होगा जिसमें दिल्ली मार्च शामिल होगा। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद एससी-एसटी एक्ट को लेकर केंद्र सरकार को कड़ी चुनौती दी है। उन्होंने इस अधिनियम को देश का सबसे बड़ा काला कानून और दमनकारी कानून बताया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि 1989 में लागू हुआ यह कानून विभाजनकारी है और इसका दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून से 85 प्रतिशत लोग प्रभावित होते हैं और 95 प्रतिशत मामले फर्जी दर्ज होते हैं।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार को 6 फरवरी तक का समय दिया। उन्होंने कहा कि यदि 6 फरवरी तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर एससी-एसटी एक्ट को समाप्त या वापस नहीं किया गया तो 7 फरवरी से देशभर से लोग दिल्ली की ओर कूच करेंगे। उन्होंने इस आंदोलन को देशव्यापी महाआंदोलन बताया जिसमें सवर्ण समाज के संगठन और आम जनता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
वाराणसी मुलाकात के बाद एससी-एसटी एक्ट पर केंद्र को उखाड़ फेंकने की चेतावनी
अलंकार अग्निहोत्री रविवार शाम वाराणसी के केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ पहुंचे जहां उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लिया। शंकराचार्य मौन व्रत पर थे इसलिए दोनों के बीच कोई विस्तृत बातचीत नहीं हुई बल्कि मंत्रोच्चार और वैदिक परंपरा के बीच आशीर्वाद प्राप्त हुआ। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह मुलाकात शुभ संयोग है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य ने पहले उन्हें प्रयागराज बुलाया था लेकिन समयाभाव के कारण मुलाकात नहीं हो पाई।
मुलाकात के तुरंत बाद अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट पर हमला बोला। उन्होंने इसे अंधा कानून और विभाजन पैदा करने वाला बताया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को इस कानून को खत्म करने का फैसला करना चाहिए अन्यथा 7 फरवरी से दिल्ली कूच होगा। उन्होंने दांडी मार्च की शैली में आंदोलन चलाने और तांत्या टोपे की तरह विद्रोह करने की बात कही। अलंकार अग्निहोत्री ने आम जनता से अपील की कि वे इस आंदोलन में शामिल हों।
6 फरवरी की डेडलाइन के बाद 7 फरवरी से देशव्यापी महाआंदोलन और दिल्ली मार्च
अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि 6 फरवरी तक यदि केंद्र सरकार एससी-एसटी एक्ट वापस नहीं लेती तो 7 फरवरी से आंदोलन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच में पूरे देश से लोग शामिल होंगे और सरकार को उखाड़ फेंकने की स्थिति पैदा होगी। अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि सरकार का कोर वोटर भी अब दूर हो चुका है और लोगों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर जोर दिया और कहा कि यह कानून सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन करता है। अलंकार अग्निहोत्री ने पहले यूजीसी के नए नियमों 2026 को भी काला कानून बताया था जिसके विरोध में उन्होंने इस्तीफा दिया था। अब एससी-एसटी एक्ट को मुख्य मुद्दा बनाकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि 6 फरवरी तक कोई फैसला नहीं हुआ तो 7 फरवरी से दिल्ली में बड़े स्तर पर प्रदर्शन होगा।
अलंकार अग्निहोत्री की पृष्ठभूमि और हालिया घटनाक्रम अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे का कारण यूजीसी के नए नियम और प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार बताया गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। निलंबन के बाद वे कानपुर लौटे और अब वाराणसी पहुंचकर एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है।
एससी-एसटी एक्ट पर अलंकार अग्निहोत्री के मुख्य आरोप अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट को 1989 का काला कानून कहा। उन्होंने दावा किया कि इसका 95 प्रतिशत मामलों में दुरुपयोग होता है और फर्जी शिकायतें दर्ज की जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून 85 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करता है और सामाजिक विभाजन बढ़ाता है। अलंकार अग्निहोत्री ने मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इसे तुरंत समाप्त किया जाए।
दिल्ली कूच की रूपरेखा अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि 7 फरवरी से दिल्ली कूच शुरू होगा। उन्होंने इसे देशव्यापी आंदोलन बताया जिसमें सवर्ण समाज के संगठन और आम लोग शामिल होंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण लेकिन मजबूत प्रदर्शन की बात कही। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यदि सरकार नहीं मानी तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने वाराणसी मुलाकात को आंदोलन की शुरुआत बताया। अलंकार अग्निहोत्री ने बार-बार दोहराया कि 6 फरवरी अंतिम तारीख है। यदि एससी-एसटी एक्ट वापस नहीं लिया गया तो 7 फरवरी से दिल्ली में विरोध शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे देश में फैलेगा। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि शंकराचार्य का आशीर्वाद उन्हें मजबूती देगा।
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