Ayodhya : अयोध्या में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में असंतोष, कैडर बनाम आयातित नेताओं पर सवाल

कई पुराने कार्यकर्ता जैसे कमलाकांत सुंदरम, विनोद श्रीवास्तव, दुर्गा पांडेय, दुर्गेश पांडेय, रमाकांत विश्वकर्मा, आलोक मिश्रा, लाल जी मिश्रा, वीरचंद मांझी, कमल उपाध्याय, राधारमण त्रिपाठी,

Mar 21, 2026 - 20:31
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Ayodhya : अयोध्या में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में असंतोष, कैडर बनाम आयातित नेताओं पर सवाल
Ayodhya : अयोध्या में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में असंतोष, कैडर बनाम आयातित नेताओं पर सवाल

अयोध्या। भाजपा की वह पार्टी जिसकी ताकत कभी जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत और निष्ठा से बनी थी, अब उसी में कैडर और आयातित चेहरों के बीच तनाव दिख रहा है। संगठन के अंदर से उठ रही आवाजें कह रही हैं कि लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेला जा रहा है, जबकि हाल के वर्षों में आए चेहरों को महत्वपूर्ण पद और अवसर मिल रहे हैं। कई पुराने कार्यकर्ता जैसे कमलाकांत सुंदरम, विनोद श्रीवास्तव, दुर्गा पांडेय, दुर्गेश पांडेय, रमाकांत विश्वकर्मा, आलोक मिश्रा, लाल जी मिश्रा, वीरचंद मांझी, कमल उपाध्याय, राधारमण त्रिपाठी, आलोक सिंह, श्याम नारायण तिवारी और कौशलेंद्र झा जैसे नाम अब संगठन में कम सक्रिय दिख रहे हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद उन्हें अवसर नहीं मिल रहे, जबकि निकटता के आधार पर पद बांटे जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात पर है कि दूसरे दलों से आए नेता अब फैसले ले रहे हैं। महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता पर आरोप लग रहे हैं कि उनके नेतृत्व में आयातित चेहरों को तरजीह दी जा रही है। पुराने जनसंघी कार्यकर्ता कहते हैं कि 12 साल पहले आए लोग अब 35 साल से पार्टी में काम करने वालों का मूल्यांकन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का सवाल है कि क्या लंबे समय तक एक ही व्यक्ति पद पर बना रहेगा? क्या समर्पण की कोई कीमत नहीं बची? उनका मानना है कि अगर यह स्थिति बनी रही तो संगठन की जड़ें कमजोर होंगी। अयोध्या में उठा यह असंतोष अब फैलने की आशंका जता रहा है।

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