हरदोई की सियासत में भूचाल- पूर्व BJP जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा 'नीरज' के एक्स पोस्ट से बढ़ी गुटबाजी की अटकलें, जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने नकारा
सौरभ मिश्रा 'नीरज' का यह पोस्ट 15 नवंबर 2025 को एक्स पर पोस्ट किया गया था। इसमें उन्होंने लिखा, "हरदोई के विधायक/मंत्री जो अखिलेश यादव से मीटिंग और भा
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह की आग लग गई है। पूर्व जिला अध्यक्ष सौरभ मिश्रा 'नीरज' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए कुछ विधायकों और मंत्रियों पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से गुप्त बैठकें करने का आरोप लगाया है। इस पोस्ट ने न केवल स्थानीय राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों में भी बहस छेड़ दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में व्याप्त असंतोष का आईना है और आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है।
सौरभ मिश्रा 'नीरज' का यह पोस्ट 15 नवंबर 2025 को एक्स पर पोस्ट किया गया था। इसमें उन्होंने लिखा, "हरदोई के विधायक/मंत्री जो अखिलेश यादव से मीटिंग और भाजपा से चीटिंग कर रहे हैं... आप लोग सपा कब ज्वाइन कर रहे हो?" इस संदेश को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक हैंडल @myogioffice और भाजपा के केंद्रीय हैंडल @BJP4India को टैग करते हुए शेयर किया। पोस्ट को अब तक 114 लाइक्स, 17 रीपोस्ट और 36 रिप्लाई मिल चुके हैं, जबकि व्यूज की संख्या 2800 को पार कर गई है।
सौरभ मिश्रा 'नीरज' का प्रोफाइल
सौरभ मिश्रा 'नीरज' हरदोई में भाजपा के एक प्रमुख चेहरे रहे हैं। वे पूर्व जिला अध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं और स्थानीय स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए जाना जाते हैं। उनका एक्स हैंडल @bjpsaurabh12 है, जहां वे नियमित रूप से राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। पार्टी के अंदरूनी स्रोतों के अनुसार, नीरज का यह बयान पिछले कुछ महीनों से चल रही गुटबाजी से उपजा है। वे खुद को एक सच्चे कार्यकर्ता के रूप में पेश करते हैं और अक्सर संगठन की कमजोरियों को सार्वजनिक रूप से उजागर करने से नहीं हिचकते।
इस पोस्ट के बाद हरदोई के राजनीतिक माहौल में अचानक सरगर्मी बढ़ गई। जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से अधिकांश भाजपा के पास हैं, और दो विधायक योगी सरकार में मंत्री भी हैं। इनमें से नितिन अग्रवाल (गौरीगंज से विधायक और राज्य मंत्री) और रजनी तिवारी (संधीला से विधायिका और कैबिनेट मंत्री) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीरज का इशारा इन्हीं नेताओं की ओर हो सकता है, क्योंकि हाल ही में अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश में सक्रियता बढ़ी है। सपा प्रमुख ने पिछले कुछ हफ्तों में कई जिलों का दौरा किया है, जिसमें हरदोई भी शामिल रहा। अक्टूबर 2024 में अखिलेश ने यहां पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी के बेटे को श्रद्धांजलि दी थी, जो सपा के लिए भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक था। विपक्षी दलों के कार्यकर्ता इस पोस्ट को आधार बनाकर भाजपा पर हमलावर हो गए हैं, जबकि पार्टी के समर्थक इसे पूर्व नेता की निजी असंतुष्टि बता रहे हैं।
वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह 'बब्बन' ने इस आरोपों का तुरंत खंडन किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरी जानकारी में कोई भी मंत्री या विधायक पार्टी छोड़ने की सोच नहीं रहा। सभी नेता पूरी निष्ठा से भाजपा के साथ खड़े हैं। नीरज जी का यह बयान उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन संगठन में ऐसी कोई हलचल नहीं है।" बब्बन ने आगे जोर देकर कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा फिर से उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने नीरज से अपील की कि यदि उनके पास कोई ठोस जानकारी है, तो वे पार्टी नेतृत्व को बताएं, न कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाएं। यह बयान जिला कार्यालय में आयोजित एक छोटी बैठक के दौरान दिया गया, जहां कई वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद थे।
इनसेट: भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह 'बब्बन' की प्रतिक्रिया
अजीत सिंह 'बब्बन' हरदोई में भाजपा के मजबूत स्तंभ हैं। वे जिले की राजनीति को एकजुट रखने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने पार्टी की सदस्यता अभियान को सफलतापूर्वक चलाया, जिसमें हजारों नए सदस्य जुड़े। बब्बन का मानना है कि ऐसे बयान विपक्ष की चाल हैं, जो भाजपा को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विकास कार्यों पर फोकस करें।
पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस मुद्दे पर राय दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक वर्ग का कहना है कि नीरज का बयान साहसिक है और यह पार्टी नेतृत्व को आंतरिक समस्याओं के प्रति सतर्क करेगा। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "नीरज भाई ने जो कहा, वह सच्चाई है। कई नेता ऊपर से नीचे तक नाराज चल रहे हैं। टिकट वितरण और पदों के बंटवारे में भेदभाव हुआ है।" वहीं, दूसरा पक्ष इसे अनुशासनहीनता मान रहा है। जिला स्तर के एक अन्य नेता ने कहा, "पूर्व जिलाध्यक्ष को सार्वजनिक मंच पर ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। इससे पार्टी की छवि खराब होती है।" सपा समर्थकों ने इस मौके को लपक लिया है। उनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर मीम्स और पोस्ट्स की बाढ़ आ गई है, जहां वे भाजपा को "डूबती नाव" बता रहे हैं।
हरदोई की राजनीति हमेशा से ही रोचक रही है। यह जिला ब्राह्मण, दलित और ओबीसी वोटरों का मिश्रित समूह है, जहां भाजपा ने 2022 के चुनावों में सभी आठ सीटें जीती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सपा ने यहां पकड़ मजबूत की है, खासकर युवाओं और किसानों के बीच। अखिलेश यादव की हालिया यात्राओं ने विपक्ष को मजबूती दी है। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रामेश्वर पांडे कहते हैं, "यह पोस्ट गुटबाजी का संकेत है। भाजपा को अब संगठन सुधार पर ध्यान देना होगा, वरना 2027 में नुकसान हो सकता है।" जिले में चल रही अफवाहों के अनुसार, कुछ विधायकों ने हाल ही में लखनऊ में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की, जहां उन्होंने नीरज के बयान पर सफाई दी। लेकिन पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।
What's Your Reaction?











