Deoria: हिंदू युवा वाहिनी नेता अरुण सिंह ने कीचड़ भरी सड़क पर लेटकर किया अनोखा प्रदर्शन, अखिलेश यादव ने कहा...., तीन घंटे बाद पहुंची PWD टीम ने शुरू किया मरम्मत कार्य।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सड़कों की बदहाली को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। हिंदू युवा वाहिनी के जिला मंत्री अरुण सिंह ने थाना लार क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा ले जाने वाले रास्ते की खराब
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सड़कों की बदहाली को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। हिंदू युवा वाहिनी के जिला मंत्री अरुण सिंह ने थाना लार क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा ले जाने वाले रास्ते की खराब स्थिति के खिलाफ कीचड़ से भरी सड़क पर लेटकर धरना दिया। यह प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला। प्रदर्शनकारियों की मांग पर लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंची और तुरंत सड़क की मरम्मत शुरू कर दी। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण की लापरवाही पर बहस छेड़ दी। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया।
घटना 22 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 11 बजे थाना लार क्षेत्र के भवानीपुर गांव के पास हुई। देवरिया जिला गोरखपुर मंडल का हिस्सा है, जहां ग्रामीण इलाकों में सड़कों की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। खासकर नवरात्रि के दौरान दुर्गा प्रतिमा ले जाने वाले रास्ते पर मरम्मत की मांग तेज हो जाती है। अरुण सिंह, जो हिंदू युवा वाहिनी के जिला मंत्री हैं, ने दो दिन पहले ही लोक निर्माण विभाग को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो वे खुद कीचड़ में लेटकर प्रदर्शन करेंगे। लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद अरुण सिंह ने अपने समर्थकों के साथ दुर्गा प्रतिमा ले जाने वाले ट्रक के सामने धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान अरुण सिंह ने कीचड़ भरी सड़क पर लेट गए। सड़क इतनी खराब थी कि बारिश के बाद पानी भर गया था और गाड़ियां आसानी से नहीं चल पा रही थीं। सिंह ने नारेबाजी की और विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनके साथ करीब 20-25 कार्यकर्ता थे, जो नारे लगाते रहे। प्रदर्शन तीन घंटे से ज्यादा चला। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कई लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे। वीडियो में अरुण सिंह कीचड़ में लेटे हुए दिख रहे हैं, जबकि उनके समर्थक विभाग के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क भवानीपुर से लार को जोड़ती है और दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमा ले जाना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर ने जेसीबी मशीन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके साथ लेखपाल, कानूनगो और थाना लार की पुलिस टीम भी थी। अरुण सिंह ने विभाग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की गई। ज्ञापन में लिखा था कि यह रास्ता न केवल पूजा के लिए जरूरी है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण है। विभाग ने आश्वासन दिया कि काम तुरंत शुरू होगा। जेसीबी से कीचड़ हटाया गया और सड़क को चलने लायक बनाने का कार्य शुरू हो गया। प्रदर्शनकारी संतुष्ट हुए और धरना समाप्त कर दिया।
यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। न्यूज24 चैनल ने इसे कवर किया और वीडियो शेयर किया। वीडियो में अरुण सिंह की हिम्मत की तारीफ हो रही है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे प्रदर्शन से ही काम होता है। एक यूजर ने कहा कि अधिकारी तब तक सोते रहते हैं, जब तक कोई बड़ा कदम न उठाया जाए। वायरल वीडियो ने देवरिया की अन्य खराब सड़कों पर भी ध्यान खींचा। स्थानीय लोगो ने बताया कि जिले में कई गांवों में सड़कें टूटी हुई हैं। बारिश के मौसम में तो हालत और खराब हो जाती है। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे सड़क निर्माण को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। संगठन का मानना है कि ग्रामीण विकास में सड़कें आधारभूत हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भाजपाई अपनी ही सरकार के भ्रष्टाचार पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यादव ने कहा कि योगी सरकार में सड़कें टूटी पड़ी हैं और अधिकारी फाइलों में ही काम निपटा देते हैं। यह टिप्पणी राजनीतिक रंग ले आई। भाजपा समर्थकों ने इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से काम हुआ, जो साबित करता है कि योगी सरकार संवेदनशील है। अखिलेश का पोस्ट हजारों बार शेयर हुआ। विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया। एक सपा नेता ने कहा कि सत्ता पक्ष के कार्यकर्ता ही सड़कों पर लेट रहे हैं, यह शर्म की बात है।
देवरिया जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सभी खराब सड़कों का सर्वे कराया जाए। नवरात्रि को देखते हुए प्राथमिकता दी जाए। विभाग ने बताया कि बजट की कमी के कारण देरी हुई थी, लेकिन अब काम तेज होगा। जूनियर इंजीनियर ने कहा कि सड़क को दो दिनों में ठीक कर दिया जाएगा। पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया। कोई हादसा नहीं हुआ। अरुण सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य जनता की सेवा है। वे आगे भी ऐसी कार्रवाई करेंगे। हिंदू युवा वाहिनी का संगठन हिंदू एकता और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहता है।
यह घटना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सड़क विकास पर बहस छेड़ रही है। राज्य सरकार ने डबल इंजन की स्कीम से सड़कें बनवाने का दावा किया है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट आवंटन के बावजूद भ्रष्टाचार से काम प्रभावित होता है। ग्रामीण कहते हैं कि प्रदर्शन जैसे कदम जरूरी हैं। एक किसान ने बताया कि खराब सड़क से फसलें बाजार तक नहीं पहुंच पातीं। नवरात्रि में प्रतिमा ले जाना तो दूर की बात है। स्थानीय विधायक ने कहा कि वे विभाग से बात करेंगे। देवरिया में सड़कें बनाने के लिए 50 करोड़ का बजट है, लेकिन खर्च कम हुआ है।
प्रदर्शन ने युवाओं को प्रेरित किया। कई युवा संगठनों ने कहा कि वे भी सड़क मुद्दे पर सक्रिय होंगे। सोशल मीडिया पर मीम्स बने। एक मीम में लिखा था कि नेता जी कीचड़ में लेटे, तो जेसीबी आ गई। यह घटना साबित करती है कि जनता का दबाव काम करता है। अखिलेश यादव की टिप्पणी से राजनीतिक तापमान बढ़ गया। भाजपा ने जवाब दिया कि सपा के समय सड़कें कागजों में ही थीं। योगी सरकार ने हाईवे बनवाए हैं। लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाया कि ग्रामीण सड़कें क्यों टूटी हैं।
देवरिया एक कृषि प्रधान जिला है, जहां चावल और गन्ना मुख्य फसलें हैं। सड़कें अच्छी न होने से किसानों को नुकसान होता है। प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया। ग्रामीणों को शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन दी जाएगी। अरुण सिंह की हिम्मत की तारीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि यह जनता के लिए था। प्रदर्शन के बाद सड़क पर काम चल रहा है। ग्रामीण खुश हैं।
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