Noida: उबर कैब ड्राइवर ने महिला यात्रियों पर डंडा लहराया, वायरल वीडियो के बाद गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक उबर कैब ड्राइवर ने कुछ महिला यात्रियों से गाली-गलौज की और उन्हें कार से उतारने
उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक उबर कैब ड्राइवर ने कुछ महिला यात्रियों से गाली-गलौज की और उन्हें कार से उतारने के बाद डंडा निकालकर हमला करने की कोशिश की। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो देखते ही नोएडा पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला महिलाओं के लिए कैब सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। उबर कंपनी ने भी मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है।
घटना मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे की है। नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से सेक्टर 128 स्थित अपने ऑफिस जा रही चार महिलाएं उबर कैब बुक कीं। कैब का नंबर यूपी 16 क्यूटी 4732 था और ड्राइवर का नाम बृजेश बताया गया। महिलाओं में से एक तशू गुप्ता ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि वे सब ऑफिस के लिए जा रही थीं। रास्ते में ट्रैफिक से बचने के लिए उन्होंने ड्राइवर से अंडरपास लेने को कहा। लेकिन ड्राइवर ने यू-टर्न लेने पर आपत्ति जताई। इससे बहस शुरू हो गई। ड्राइवर गुस्से में आ गया और गालियां देने लगा।
वीडियो में साफ दिखता है कि ड्राइवर कार रोककर महिलाओं को बाहर निकाल देता है। फिर वह कार की डिक्की खोलता है और एक लोहे का डंडा निकाल लेता है। डंडा लहराते हुए वह महिलाओं की ओर दौड़ता है। एक महिला चिल्लाती हुई कहती है कि ड्राइवर कह रहा है, तेरी जैसी दस रहीं मेरे पास। मैं तुम्हें मार डालूंगा। महिलाएं डर के मारे भागती हैं। ड्राइवर उन्हें पीछा करता है। वीडियो में एक महिला का हाथ पकड़ने की कोशिश भी दिख रही है। पास के लोगों ने हल्ला मचाया तो ड्राइवर रुक गया। महिलाओं ने तुरंत वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।
तशू गुप्ता ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि यह सब सेक्टर 128 के पास हुआ। हमने उबर से शिकायत की, लेकिन शुरुआत में कोई जवाब नहीं आया। बाद में कंपनी ने कहा कि वे जांच कर रहे हैं। महिलाओं ने नोएडा पुलिस को भी सूचना दी। वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। सेक्टर 128 थाने की टीम ने ड्राइवर की पहचान की। बृजेश नोएडा का ही निवासी है। वह उबर के साथ रजिस्टर्ड ड्राइवर था। पुलिस ने आधे घंटे के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसीपी प्रवीण कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। लेकिन उसका कहना है कि महिलाओं ने उसके साथ बदसलूकी की और बाल खींचे। पुलिस ने महिलाओं के बयान दर्ज किए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (आपराधिक धमकी) और 354 (महिलाओं पर हमला) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। नोएडा पुलिस ने ट्विटर पर पोस्ट कर कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई। हम महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उबर इंडिया ने भी स्टेटमेंट जारी किया। कंपनी ने कहा कि यह घटना चिंताजनक है। हम आरोपी ड्राइवर को प्लेटफॉर्म से हटा चुके हैं। यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उबर ने महिलाओं से संपर्क किया और सहायता का आश्वासन दिया।
यह घटना नोएडा में महिलाओं के लिए कैब यात्रा की असुरक्षा को उजागर करती है। शहर आईटी हब है, जहां हजारों महिलाएं रोज ऑफिस जाती हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं डर पैदा कर रही हैं। स्थानीय महिलाओं ने कहा कि वे अब रात में अकेले कैब नहीं लेंगी। एक महिला ने बताया कि पहले भी रास्ते में बहस हुई, लेकिन कभी इतना हिंसक नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि कैब कंपनियों को ड्राइवरों की बैकग्राउंड चेक सख्त करनी चाहिए। जीपीएस ट्रैकिंग और इमरजेंसी बटन का इस्तेमाल बढ़ाएं। नोएडा प्रशासन ने उबर और ओला जैसी कंपनियों को नोटिस जारी करने का फैसला किया। महिलाओं के लिए सेफ्टी वर्कशॉप चलाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर वीडियो ने तहलका मचा दिया। हजारों यूजर्स ने कमेंट्स में गुस्सा जताया। एक यूजर ने लिखा कि ड्राइवरों को ट्रेनिंग दें, गुस्सा कंट्रोल कैसे करें। दूसरे ने कहा कि महिलाएं वीडियो बनाकर सही किया, वरना मामला दब जाता। कई ने उबर को टैग किया। वायरल होने से पुलिस की तारीफ भी हुई। लोग बोले कि सोशल मीडिया अब न्याय का हथियार बन रहा है। लेकिन कुछ यूजर्स ने ड्राइवर के पक्ष में भी बोला। उनका कहना था कि रूट बदलने पर बहस हुई, महिलाओं ने उकसाया। लेकिन वीडियो में ड्राइवर की हिंसा साफ दिख रही है।
नोएडा एक आधुनिक शहर है, जहां मेट्रो और कैब सेवाएं बढ़ रही हैं। लेकिन ट्रैफिक और रोड रेज की समस्या आम है। इस घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर 128 में पेट्रोलिंग बढ़ा दी। कैब ड्राइवर यूनियन ने कहा कि ज्यादातर ड्राइवर अच्छे हैं, लेकिन कुछ बिगाड़ते हैं। यूनियन चीफ ने ड्राइवरों को समझाने का वादा किया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए एनजीओ सक्रिय हो गए। उन्होंने अभियान शुरू किया कि कैब बुक करते समय रूट शेयर करें। परिवार को लोकेशन भेजें। इमरजेंसी में 112 डायल करें।
तशू गुप्ता और उनकी सहेलियों की बहादुरी की सराहना हो रही है। उन्होंने न केवल खुद को बचाया, बल्कि वीडियो से अन्य महिलाओं को सतर्क किया। तशू ने कहा कि हम डरे हुए थे, लेकिन चुप न रहें। पुलिस का धन्यवाद दिया। परिवार ने भी सपोर्ट किया। यह घटना पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी। टीवी चैनलों ने डिबेट की। कई जगह प्रदर्शन हुए। सरकार को सोचना होगा कि डिजिटल इंडिया में महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें। कैब ऐप्स पर सख्त नियम लाएं। ड्राइवरों की वेरिफिकेशन सालाना करें।
आरोपी बृजेश की पत्नी ने कहा कि वह गुस्सैल है, लेकिन कभी हिंसा नहीं की। लेकिन सबूतों के आगे सफाई कमजोर पड़ रही। पुलिस जांच जारी है। अगर ड्राइवर का दावा सही पाया गया तो कार्रवाई बदलेगी। लेकिन फिलहाल न्याय महिलाओं के पक्ष में है। नोएडा डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस रखें। हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार करें। महिलाएं सतर्क रहें। कैब में अकेले न जाएं। वीडियो रिकॉर्ड करें।
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