Ballia News: कोल माइंस के चीफ इंजीनियर व मनोज हत्याकांड के अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा पचास हजार का जुर्मान। 

लगभग उन्नीस वर्षों पूर्व हल्दी थाना क्षेत्र के बाबू बेल गांव में सीताराम सिंह के अहाते में तिलकोत्सव का कार्यक्रम हो रहा था नाच गाने....

By INA News Desk
Jan 28, 2025 - 10:59
105 Views
Ballia News: कोल माइंस के चीफ इंजीनियर व मनोज हत्याकांड के अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा पचास हजार का जुर्मान। 

Report Asif Hussain zaidi / Advocate- T.N.Dube

  • जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने खुले कोर्ट में सुनाया फैसला
  • पीड़ित पक्ष ने कहा ऊपर वाले के दरबार में देर होता है अंधेर नहीं

Ballia Court news: लगभग उन्नीस वर्षों पूर्व हल्दी थाना क्षेत्र के बाबू बेल गांव में सीताराम सिंह के अहाते में तिलकोत्सव का कार्यक्रम हो रहा था नाच गाने भी हो रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने रंजिश वश अंधा धुंध फायर किया जिसमें डॉ अशोक सिंह के रिश्तेदार जो कोल माइंस धनवाद के चीफ इंजीनियर थे उन्हें भी निशाना बनाया गया और उनकी भी हत्या की गई।

साथ ही बगल के गांव डांगर वाद निवासी मनोज मिश्रा की भी हत्या हो गई। जिसमें चिकित्सक परिवार के व्यक्तियों को भी पुलिस ने नहीं बक्शा और उन्हें भी जेल भेज दी थी जबकि सच्चाई कुछ और ही थी वहीं मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह के न्यायालय में सुनवाई हुई। जिसमें जिला जज श्री सिंह ने अभियोजन के सारे साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए मुख्य अभियुक्त पोखरा निवासी विनय सिंह उर्फ विनय प्रताप सिंह को हत्या के मामले में दोषी करार करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और पचास हजार रूपये जुर्माना लगाई है। साथ ही जिला जज ने आदेशित किया है कि जुर्माने की धनराशि में से 20हजार रूपये मृतक मनोज के पिता राधेश्याम मिश्रा को और 20हजार रूपये मृतक चंदेश्वर सिंह की पत्नी शकुन्तला देवी को क्षति पूर्ति के रूप में दिया जाए।

Also Read- Maha Kumbh 2025: दो दिन में 3.3 करोड़ लोगों ने लगाई पावन डुबकी, अब तक 14.76 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में किया पावन स्नान

अदालती सूत्रों के मुताबिक डांगरवाद (हल्दी) निवासी राधेश्याम मिश्रा ने 5दिसंबर 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि समय करीब 11बजे रात्रि में डॉ सीताराम सिंह के अहाते में तिलकोत्सव का कार्यक्रम चल रहा था जिसमें उसका बेटा मनोज भी पहुंच गया था अंधा धुंध गोली चल रही थी जिसमें मनोज और एक अन्य व्यक्ति विंदेश्वर सिंह को गोली लगी थी और घटना स्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी। इस मामले में मुकदमा पंजीकृत हुआ और जांच शुरू हुई तो सभी तथ्य सामने आ गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष से संजीव कुमार सिंह ने पुलिस के गवाहों समेत अन्य सभी के साक्ष्यों को पूरी कराई।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow