Lucknow : मिशन शक्ति में मुख्य सेविकाएं बनीं नारी स्वावलंबन और पोषण की अग्रदूत
प्रदेश में मिशन शक्ति योजना महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने का सशक्त प्रयास है। यह अभियान महिलाओं को शिक्षा, स्वा
लखनऊ : नारी स्वावलंबन आज समाज की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके बिना सच्चा विकास और प्रगति अधूरी है। आत्मनिर्भर महिला न केवल परिवार की रीढ़ बनती है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्वावलंबन का मतलब सिर्फ आर्थिक आजादी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक भागीदारी भी है। शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला परिवार व समाज को नई दिशा देती है। रोजगार और उद्यमिता से वह अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करती है और दूसरों के लिए रोजगार का स्रोत बनती है। स्वावलंबन से आत्मसम्मान बढ़ता है, जो अगली पीढ़ी को समानता, मेहनत और आत्मनिर्भरता का संस्कार देता है। नारी स्वावलंबन व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है।
प्रदेश में मिशन शक्ति योजना महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने का सशक्त प्रयास है। यह अभियान महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आत्मरक्षा और उद्यमिता के अवसर देता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें। मिशन शक्ति कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देता है और संसाधनों तक पहुंच का रास्ता खोलता है। यह योजना महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और समाज में बराबरी का स्थान दिलाने में अहम है। मिशन शक्ति नारी स्वावलंबन को व्यवहार में उतारने का सेतु है, जो सामाजिक आंदोलन बनकर उनकी वास्तविक शक्ति का एहसास करा रहा है।
मिशन शक्ति की सफलता जमीनी स्तर तक तभी पहुंच सकती है, जब स्थानीय भागीदारी मजबूत हो। बाल विकास व पुष्टाहार विभाग की मुख्य सेविकाएं इसमें सेतु का काम करती हैं। वे सरकार की योजनाओं को समाज की जरूरतों से जोड़ती हैं। हाल ही में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 2425 मुख्य सेविकाओं की भर्ती की, जो इस दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इन्हें नियुक्ति पत्र दिए गए और पारदर्शी तरीके से पोर्टल के जरिए जनपदों में तैनाती दी गई। नई सेविकाएं आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन करेंगी और महिलाओं व किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा व स्वावलंबन की जानकारी देंगी। इनके जरिए मिशन शक्ति हर गांव और घर तक पहुंचेगा।
मुख्य सेविकाएं सिर्फ योजनाएं लागू नहीं करतीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की वाहक भी हैं। वे बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, घरेलू हिंसा और कुपोषण जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए जागरूकता फैलाती हैं। जब महिलाएं अपने अधिकारों और अवसरों को जानती हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती हैं। मुख्य सेविकाओं के कौशल, नेतृत्व और समर्पण से ही सरकारी योजनाएं सफल होंगी। इसीलिए नवनियुक्त सेविकाओं को मिशन शक्ति के तहत विभागीय योजनाओं, महिला कल्याण, पोषण अभियान, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं में खून की कमी व रोकथाम, और मातृ पोषण पर प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण उन्हें गांवों में बदलाव लाने के लिए तैयार करता है।
प्रमुख सचिव महिला कल्याण व बाल विकास सेवा पुष्टाहार लीना जौहरी ने कहा कि मुख्य सेविकाएं पोषण से स्वावलंबन तक का सफर तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनकी मेहनत से मिशन शक्ति का लक्ष्य हर घर तक पहुंचेगा, जिससे महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी।
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