Lucknow : उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव एस पी गोयल ने यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के सख्त निर्देश दिए

परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कक्षों और परिसरों में सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर पूरी तरह काम करने की स्थिति में हों। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल और मॉनिटरिंग सेंटर स्थापि

Feb 5, 2026 - 00:09
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Lucknow : उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव एस पी गोयल ने यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के सख्त निर्देश दिए
Lucknow : उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव एस पी गोयल ने यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के सख्त निर्देश दिए

लखनऊ में मुख्य सचिव एस पी गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। ये परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक प्रदेश के सभी जिलों में होंगी।

उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों को देखते हुए आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा जैसे 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन जिलों में अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों का रोज दो बार निरीक्षण हो। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कक्षों और परिसरों में सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर पूरी तरह काम करने की स्थिति में हों। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल और मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित हों। जिम्मेदार अधिकारी तैनात किए जाएं। परीक्षा से जुड़े सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण समय पर पूरा हो।

एसटीएफ और एलआईयू से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी हो। प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया सीसीटीवी पर हो। स्ट्रांग रूम से सही प्रश्नपत्र ही निकले। स्ट्रांग रूम की रात में रैंडम जांच अनिवार्य हो। नकल रोकने के लिए क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष नियमित गश्त करें।परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बसों का समय पर संचालन और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो। सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए। अफवाह फैलाने या परीक्षा में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन रोकने के लिए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। ओवरलोड, फर्जी नंबर प्लेट या गलत परिवहन वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो। उपखनिज वाहनों पर जीपीएस अनिवार्य हो और विभागीय पोर्टल से जुड़े हों। शेष 5,632 वाहनों को जल्द माइन टैग से टैग कराया जाए।

मंडलायुक्त अपने मंडलों में कलेक्ट्रेट और जिलाधिकारी तहसील कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। जनसुनवाई के समय अधिकारी मौजूद रहें। राजस्व मामलों जैसे नामांतरण, पैमाइश और वारिस आदि की सघन मॉनिटरिंग हो। लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। जन शिकायतों का स्थानीय स्तर पर तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो ताकि लोगों को उच्च अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में बताया गया कि यूपी बोर्ड परीक्षाएं 8033 केंद्रों पर दो पालियों में होंगी। पहले पाली सुबह 8:30 से 11:45 और दूसरी दोपहर 2 से शाम 5:15 तक। कुल 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी हैं जिनमें हाईस्कूल के 27 लाख 61 हजार 696 और इंटरमीडिएट के 25 लाख 76 हजार 82 हैं। नकल रोकने के लिए रिजर्व सेट्स और केंद्रवार कोडिंग की व्यवस्था है। पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड सेंटर बनेंगे। पायलट प्रोजेक्ट में 20 केंद्रों पर जैमर लगेंगे।

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