Ayodhya News: शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, सेना-जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि।
मझवा गद्दोपुर गांव आज खामोश था… हर चेहरा उदास, हर दिल भारी। गांव का लाल, लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी अब सिर्फ तस्वीरों में मुस्कुरा रहा है। सिक्किम में तैनाती...
अयोध्या। मझवा गद्दोपुर गांव आज खामोश था… हर चेहरा उदास, हर दिल भारी। गांव का लाल, लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी अब सिर्फ तस्वीरों में मुस्कुरा रहा है। सिक्किम में तैनाती के दौरान जब साथियों की जान खतरे में थी, शशांक ने अपनी जान की परवाह किए बगैर उन्हें बचा लिया—और खुद शहीद हो गया।
कल शाम जब सेना की गाड़ी उनका पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंची, तो चारों ओर सिर्फ एक ही गूंज थी—"शशांक अमर रहें!" माँ बेसुध थीं, पिता की आंखें पत्थर हो चुकी थीं और गांव का हर बच्चा उसे अपना हीरो कह रहा था।
शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। सेना के जवानों ने बंदूकों की सलामी दी, और हर किसी की आंखों से आंसू बह निकले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी की घोषणा की। गांव वालों ने कहा “शशांक सिर्फ हमारा नहीं, पूरे देश का बेटा था। वो चला गया, लेकिन अपने पीछे छोड़ गया एक ऐसी कहानी, जो आने वाली पीढ़ियों को सिखाएगी कि देशभक्ति क्या होती है।
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