हरदोई में 21 से 25 जुलाई 2025 तक आधार कार्ड के लिए विशेष शिविरों का आयोजन।
Hardoi News: हरदोई जिले में आधार कार्ड बनाने और संशोधन के लिए 21 से 25 जुलाई 2025 तक विशेष शिविरों का आयोजन किया...
Hardoi News: हरदोई जिले में आधार कार्ड बनाने और संशोधन के लिए 21 से 25 जुलाई 2025 तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन जिले के सभी विकास खंडों के ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) और नगर पालिका परिषद, हरदोई में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। जिला प्रशासन ने इन शिविरों को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम लोगों को आधार कार्ड से संबंधित सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
आधार कार्ड आज भारत में पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हरदोई जिले में कई लोग, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, अभी भी आधार कार्ड से वंचित हैं या उनके आधार कार्ड में त्रुटियां हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने 14 जुलाई 2025 को पत्र संख्या 874/पी0ए0/मु0वि0अ0: 2025 के माध्यम से विशेष शिविरों के आयोजन का निर्णय लिया। यह पहल उन लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है या जिन्हें अपने आधार कार्ड में संशोधन की जरूरत है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोग आधार कार्ड बनवाएं या अपने मौजूदा कार्ड में सुधार करवाएं। यह आयोजन विशेष रूप से उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, ताकि वे सरकारी योजनाओं और शैक्षिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
- शिविरों की व्यवस्था और डिवाइस आवंटन
इन शिविरों के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। हरदोई जिले में कुल 119 आधार डिवाइस उपलब्ध हैं, जिनमें से:
बैंक ऑफ इंडिया के अधीन 16 डिवाइस (बैंक ऑफ बड़ौदा: 1, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक: 6, बैंक ऑफ इंडिया: 9)
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन 17 बीआरसी पर एक-एक डिवाइस
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के पास 86 डिवाइस, जो कियाशील और मूवमेंट योग्य हैं
प्रत्येक शिविर स्थल पर कम से कम पांच डिवाइस लगाए जाएंगे, ताकि अधिक लोगों को सेवा मिल सके। इन डिवाइसों का आवंटन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, और डाक अधीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से तैयार चार्ट के अनुसार किया गया है। यह चार्ट यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बीआरसी और नगर पालिका परिषद में डिवाइस समय पर पहुंचें और कार्य सुचारु रूप से हो।
- जिम्मेदारियां और प्रभारी
जिला प्रशासन ने शिविरों के सुचारु संचालन के लिए जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की हैं। प्रत्येक विकास खंड के बीआरसी पर आयोजित शिविरों का प्रभारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी होगा, जबकि नगर पालिका परिषद, हरदोई में शिविर का प्रभारी अधिशासी अधिकारी होगा। इन अधिकारियों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं:
विद्युत आपूर्ति: शिविर स्थल पर निर्बाध बिजली की उपलब्धता।
फर्नीचर: डिवाइस ऑपरेटरों और आवेदकों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था।
पेयजल: शिविर में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की सुविधा।
किसी भी प्रकार की अव्यवस्था के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और अधिशासी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरे दिन शिविर स्थल पर मौजूद रहने और डिवाइस ऑपरेटरों को त्वरित सहयोग प्रदान करने के लिए कहा गया है।
शिविरों की सफलता के लिए जिला प्रशासन ने सूचना प्रसार पर विशेष ध्यान दिया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से उन बच्चों के अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाएं, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं या जिनके आधार में संशोधन की जरूरत है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र लोग इन शिविरों का लाभ उठा सकें।
इसके अलावा, प्रशासन ने स्थानीय समुदायों, पंचायतों, और अन्य माध्यमों से भी जागरूकता फैलाने की योजना बनाई है। यह कदम विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो सरकारी योजनाओं से वंचित हैं, क्योंकि आधार कार्ड कई योजनाओं के लिए अनिवार्य है।
शिविरों के संचालन की प्रगति पर नजर रखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी प्रतिदिन जूम मीटिंग के माध्यम से समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा सुनिश्चित करेगी कि सभी शिविर निर्धारित समय पर शुरू हों, डिवाइस ठीक से काम करें, और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खंड शिक्षा अधिकारी और अधिशासी अधिकारी को प्रत्येक दिन की प्रगति की रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपनी होगी।
यह निगरानी व्यवस्था प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शिविरों का आयोजन पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो।
हरदोई जिला उत्तर प्रदेश के लखनऊ मंडल का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो 26°53' से 27°46' उत्तरी अक्षांश और 79°41' से 80°46' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। जिले में 5 तहसीलें (हरदोई, शाहाबाद, बिलग्राम, संडीला, और सवायजपुर), 191 न्याय पंचायतें, 1306 ग्राम सभाएं, और 1907 आवास वाले गांव हैं। इसके अलावा, 7 नगर पालिका परिषद और 6 नगर पंचायतें भी हैं। जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5989 वर्ग किलोमीटर है, और 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 40,92,845 है।
इस विशाल क्षेत्र और जनसंख्या को देखते हुए, आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इन शिविरों का आयोजन इस चुनौती से निपटने का एक प्रभावी कदम है।
आधार कार्ड न केवल पहचान का साधन है, बल्कि यह कई सरकारी योजनाओं, जैसे राशन कार्ड, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग आधार कार्ड की कमी के कारण इन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। विशेष रूप से बच्चों के लिए आधार कार्ड महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्कूल में प्रवेश, छात्रवृत्ति, और अन्य शैक्षिक लाभों के लिए आवश्यक है।
इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के हर पात्र व्यक्ति को आधार कार्ड उपलब्ध हो। साथ ही, जिन लोगों के आधार कार्ड में त्रुटियां हैं, जैसे नाम, पता, या जन्म तिथि में गलती, वे भी इन शिविरों में सुधार करवा सकते हैं।
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