Sambhal: सम्भल नगर पालिका में सियासी संग्राम: अध्यक्ष आसिया के खिलाफ 5 सभासद, समर्थन में 33 सभासद।

नगर पालिका परिषद सम्भल इन दिनों गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद के केंद्र में आ गई है। पालिका अध्यक्ष आसिया के अधिकारों,

By INA News Desk
Jan 30, 2026 - 15:20
128 Views
Sambhal: सम्भल नगर पालिका में सियासी संग्राम: अध्यक्ष आसिया के खिलाफ 5 सभासद, समर्थन में 33 सभासद।
सम्भल नगर पालिका में सियासी संग्राम: अध्यक्ष आसिया के खिलाफ 5 सभासद, समर्थन में 33 सभासद।

उवैस दानिश, सम्भल 

नगर पालिका परिषद सम्भल इन दिनों गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद के केंद्र में आ गई है। पालिका अध्यक्ष आसिया के अधिकारों, कार्यप्रणाली और कथित प्रतिनिधि नियुक्ति को लेकर सभासदों के बीच खुला टकराव सामने आया है। एक ओर जहां पांच सभासदों के एक गुट ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर 33 सभासदों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

वार्ड नंबर 25 के सभासद अनीस अहमद की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका अध्यक्ष अपने पति को अवैध रूप से प्रतिनिधि नियुक्त कर पालिका के कार्यों में हस्तक्षेप करा रही हैं। पत्र में कहा गया है कि ठेके, भुगतान और विकास कार्यों में नियमों को दरकिनार कर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे नगर पालिका में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। साथ ही यह मांग भी की गई है कि अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज किए जाएं और अनुदान व अन्य फंड पर रोक लगाई जाए। इस पत्र में पांच सभासदों के वार्ड नंबर और हस्ताक्षर है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष के खिलाफ असंतोष सीमित गुट तक ही है। इसी बीच एक सभासद द्वारा पाला बदलने की भी चर्चा है, जिससे सियासी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष के समर्थन में 33 सभासदों ने एकजुट होकर प्रेस नोट जारी किया। समर्थक सभासदों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अध्यक्ष आसिया स्वयं नगर पालिका के कार्यों का संचालन कर रही हैं और किसी भी प्रकार की अवैध प्रतिनिधि व्यवस्था नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कुछ सभासद जानबूझकर भ्रामक खबरें फैलाकर पालिका की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। समर्थक गुट का कहना है कि सभी विकास कार्य नियमों के तहत पारदर्शी ढंग से किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2025 के बाद कोई भी प्रतिनिधि नियुक्ति प्रभावी नहीं है और अध्यक्ष को बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है। फिलहाल सम्भल नगर पालिका का यह विवाद अब शासन स्तर तक पहुंच चुका है। सबकी निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय निकाय विभाग के रुख पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में लिया गया फैसला न सिर्फ पालिका की राजनीति बल्कि नगर के विकास कार्यों की दिशा भी तय करेगा।

Also Read- Siddharthnagar: सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर किया प्रहार, कहा - बीमार मानसिकता के लोगों ने पूर्वी यूपी को बीमार बना दिया था।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow