Sitapur : सीतापुर के 66 किसानों ने सीमैप लखनऊ मेले में औषधीय और सगंध पौधों की खेती सीखी

किसानों को संस्थान के अनुसंधान खेतों, डिस्टिलेशन यूनिट और प्रसंस्करण इकाइयों का सीधा अवलोकन कराया गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि ये फसलें पारंपरिक फसलों से ज्यादा

Feb 2, 2026 - 21:48
 0  5
Sitapur : सीतापुर के 66 किसानों ने सीमैप लखनऊ मेले में औषधीय और सगंध पौधों की खेती सीखी
Sitapur : सीतापुर के 66 किसानों ने सीमैप लखनऊ मेले में औषधीय और सगंध पौधों की खेती सीखी

कृषि विज्ञान केंद्र कटिया, सीतापुर ने जनपद के 66 किसानों का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सीमैप लखनऊ द्वारा आयोजित किसान मेले में कराया। इस भ्रमण का नेतृत्व प्रक्षेत्र प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने किया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को औषधीय और सगंध फसलों की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन तकनीक, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी देना था। सीमैप के वैज्ञानिकों ने तुलसी, मेंथा, अश्वगंधा, स्टीविया, लेमनग्रास, पामारोजा, सिट्रोनेला और अन्य औषधीय पौधों की उन्नत किस्मों के बारे में बताया। साथ ही नर्सरी तैयार करने, रोपाई, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई और रोग-कीट नियंत्रण के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों को संस्थान के अनुसंधान खेतों, डिस्टिलेशन यूनिट और प्रसंस्करण इकाइयों का सीधा अवलोकन कराया गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि ये फसलें पारंपरिक फसलों से ज्यादा लाभ दे सकती हैं और किसानों की आय बढ़ा सकती हैं। इनसे निकलने वाले तेल और उत्पाद दवा, कॉस्मेटिक और सुगंध उद्योग में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं।

मेले में विभिन्न संस्थानों और कंपनियों के स्टॉल देखे गए। किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई, उन्नत बीज, आधुनिक यंत्र और मूल्य संवर्धन की नई जानकारियां मिलीं। सरकारी योजनाओं और अनुदान की भी जानकारी दी गई। योगेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों से कहा कि फसल विविधीकरण जरूरी है। औषधीय और सगंध पौधों की खेती अपनाकर पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम की जा सकती है और आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अपील की कि भ्रमण से मिली जानकारी खेतों में लागू करें।

शामिल किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि ये खेती क्षेत्र में रोजगार बढ़ा सकती है और कम लागत में ज्यादा लाभ दे सकती है। उन्होंने केंद्र द्वारा ऐसे भ्रमण कराने पर खुशी जताई और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की मांग की। कार्यक्रम के अंत में केंद्र ने सीमैप के वैज्ञानिकों और आयोजकों का धन्यवाद किया। इस भ्रमण से किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा है। भ्रमण में बिसवां, कसमंडा, परसेंडी, सकरन विकास खंडों से अशोक गुप्ता, हादी खान, योगेश, विद्याधर वाजपेयी, सीतादेवी, प्रमोद सिंह, खुशवंत सिंह सहित 66 किसान शामिल हुए।

Also Click : सतना में अडानी ग्रुप के वॉक-इन इंटरव्यू में हजारों बेरोजगारों की भीड़, छत से कूदकर अंदर घुसने की कोशिश, अव्यवस्था से हालात बेकाबू

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow