UP News: ईद के दौरान माहौल हो सकता है खराब, विस्फोट और दंगों को लेकर मिला मैसेज।
ईद के त्यौहार को लेकर देश भर में लोग तैयारियों में जुट गए हैं। शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान की आखरी अलविदा जुमे की नमाज...
मुंबई पुलिस को ईद के दौरान बम धमाके और दंगों को लेकर एक मैसेज मिला है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है और शांतिपूर्ण तरीके से ईद के त्यौहार को सम्पन्न करने की तैयारी में जुट गया।
- मुंबई में माहौल खराब करने की कोशिश
ईद के त्यौहार को लेकर देश भर में लोग तैयारियों में जुट गए हैं। शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान की आखरी अलविदा जुमे की नमाज को अदा किया। लोग नजदीक आ रहे ईद के त्यौहार को लेकर काफी खुश दिखाई दे रहे लेकिन उनके त्यौहार को खराब करने की कुछ लोग साजिश रच रहे हैं। मुंबई पुलिस को एक परेशानी बढ़ा देने वाला मैसेज मिला है।
जिसमें अवैध रोहिंग्या/बांग्लादेशी/पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा हिंदू-मुस्लिम दंगे, आगजनी और बम विस्फोट की चेतावनी वाला संदेश सोशल मीडिया पर पुलिस को मिलने के बाद मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया धमकी गुरुवार को दी गई और X मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी गई। इस पोस्ट में बताया गया 31 मार्च-1 अप्रैल 2025 को ईद के दौरान, डोंगरी जैसे क्षेत्रों में रहने वाले कुछ अवैध रोहिंग्या/बांग्लादेशी/पाकिस्तानी घुसपैठिए हिंदू-मुस्लिम दंगे, विस्फोट और आगजनी हो सकती है। वहीं संदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और ईद को लेकर जगह-जगह पर पुलिस की तैनाती कर दी गई।
- अवैध बांग्लादेशियों की लगातार गिरफ्तारी जारी
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दादर से एक बांग्लादेशी नागरिक अजीजुल निजानुल रहमान (29) को गिरफ्तार किया है, जिसे देश में अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद यह जांच शुरू कर दी है कि क्या वह 17 मार्च को नागपुर में हुई हिंसा में शामिल था। अपराध शाखा की यूनिट 2 ने बुधवार को उसे गिरफ्तार किया और उसकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
अधिकारी के अनुसार, अजीजुल निजानुल रहमान के बारे में संदेह है कि वह 17 मार्च को नागपुर में हुई हिंसा के दौरान वहां मौजूद था। वह नागपुर के हसनबाग का निवासी है और कुछ दिन पहले ही दादर आया था। पुलिस ने बताया कि रहमान ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान यह स्वीकार किया कि उसने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके आधार कार्ड प्राप्त किया था।
पुलिस अब उसके मोबाइल फोन टावर लोकेशन का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वह हिंसा के समय नागपुर में था या नहीं। इसके अलावा, नागपुर पुलिस को भी उसकी गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया गया है, और हिंसा से जुड़े मामले में अब तक 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी फहीम खान भी शामिल है। इस मामले में जांच जारी है, और पुलिस हर पहलू पर गौर कर रही है ताकि हिंसा में उसकी भूमिका और अन्य संबंधित आरोपों का सही पता लगाया जा सके।
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