सम्भल में गंगा का जलस्तर खतरनाक स्तर पर, 40 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा।
Sambhal: उत्तराखंड में लगातार हो रही बरसात और बादल फटने की घटनाओं का असर अब सम्भल में साफ दिखाई दे रहा है। गंगा का जलस्तर तेजी....
उवैस दानिश, सम्भल
Sambhal: उत्तराखंड में लगातार हो रही बरसात और बादल फटने की घटनाओं का असर अब सम्भल में साफ दिखाई दे रहा है। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। नरौरा बैराज पर गंगा में पानी का बहाव 3 लाख 6 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिसमें से 3 लाख 5 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। प्रशासनिक मानकों के अनुसार संभल में ढाई लाख क्यूसेक पानी होने पर बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 3 लाख क्यूसेक के पार है।
राजघाट में गंगा का जलस्तर 1924 के हाईफ्लड लेवल तक पहुंच गया है, जिसे पानी का “डेंजरस लेवल” माना जाता है। यहां घाटों पर बैठने की जगह तक नहीं बची है। बाढ़ का पानी शांति उपवन मार्ग तक आ गया है, जिसके चलते यह मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के करीब 40 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है, क्योंकि पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है और निचले इलाकों में गंगा का पानी तेजी से फैल रहा है।
नरौरा बैराज पर पिछले 24 घंटों में 69 हजार क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे राजघाट और आसपास के क्षेत्रों में खतरा और बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग और प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा गया है। वहीं, ग्रामीणों को ऊंचाई वाले स्थानों पर सुरक्षित रहने और गंगा किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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