Hardoi : सावन मास में हरदोई के बाबा सुनासीर नाथ मंदिर में डीएम-एसपी कावड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
सावन मास में इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है। प्रत्येक सोमवार को लाखों श्रद्धालु यहां गंगाजल लेकर पहुंचते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर के आसपास मे
हरदोई : सावन मास का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, और इस दौरान उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कावड़ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर, 21 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मल्लावां थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बाबा सुनासीर नाथ मंदिर का दौरा किया। उनका मुख्य उद्देश्य कावड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देना था। यह दौरा सावन के दूसरे सोमवार को किया गया, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद थी।
बाबा सुनासीर नाथ मंदिर: आस्था का केंद्र
बाबा सुनासीर नाथ मंदिर हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह मंदिर न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि आसपास के जनपदों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना सतयुग में देवराज इंद्र ने की थी। मंदिर का इतिहास भी अनोखा है। कहा जाता है कि सोलहवीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगजेब ने इस मंदिर पर आक्रमण किया था और शिवलिंग को काटने की कोशिश की थी। हालांकि, शिवलिंग से बर्रैया और ततैया निकलने लगे, जिसके कारण औरंगजेब और उसकी सेना को भागना पड़ा। आज भी शिवलिंग पर उस समय की कटाई के निशान मौजूद हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करते हैं।
सावन मास में इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है। प्रत्येक सोमवार को लाखों श्रद्धालु यहां गंगाजल लेकर पहुंचते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर के आसपास मेला भी लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होते हैं। इस मेले में सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कावड़ यात्रा की महत्ता
सावन मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। इस दौरान भक्त गंगा नदी से जल लेकर अपने कंधों पर कावड़ में लटकाकर शिव मंदिरों तक लाते हैं और भगवान शिव पर जल चढ़ाते हैं। हरदोई जिले में यह यात्रा विशेष रूप से बाबा सुनासीर नाथ मंदिर के लिए आयोजित की जाती है। कावड़ यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जिसके कारण प्रशासन को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मल्लावां थाना क्षेत्र के बाबा सुनासीर नाथ मंदिर का दौरा कर वहां की सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, आसपास के मार्गों, और मेले के क्षेत्र का जायजा लिया। मंदिर में पहले से ही 200 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कावड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में बैरियर लगाए गए हैं, और ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे रूट की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई मार्गों पर बदलाव किए गए हैं। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, ताकि कावड़ियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यातायात व्यवस्था में बदलाव
यातायात निरीक्षक प्रमोद यादव ने बताया कि कावड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। जनपद सीतापुर और लखनऊ से मल्लावां आने वाले भारी वाहनों को संडीला बस अड्डे से कासिमपुर होते हुए बांगरमऊ और उन्नाव की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसी तरह, कन्नौज से मल्लावां आने वाले वाहनों को बांगरमऊ और उन्नाव के रास्ते भेजा जाएगा। छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है, ताकि कावड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यातायात हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर लोग रूट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मंदिर और मेले की तैयारियां
मल्लावां के बाबा सुनासीर नाथ मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को लगने वाले मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर कमेटी और प्रशासन ने मिलकर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। सुनासी ग्राम प्रधान अनूप यादव मेले की व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। मंदिर तक जाने वाली सड़क, जो पहले जर्जर थी, उसकी मरम्मत लोक निर्माण विभाग द्वारा कर दी गई है।
नगर पालिका चेयरमैन तबस्सुम के प्रतिनिधि परवेज आलम ने बताया कि मेले में स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। पीने के पानी के लिए टैंकर, मोबाइल शौचालय, और सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, मंदिर परिसर और मेले के क्षेत्र में बिजली और प्रकाश की उचित व्यवस्था की गई है, ताकि रात के समय भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को हर समय सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मंदिर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सख्ती बरती जाए। कावड़ियों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की गई है, ताकि जलाभिषेक के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मंदिर के पुजारी राम गोविंद मिश्र ने बताया कि मंदिर में सावन मास के दौरान विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और प्रशासन के सहयोग से सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
मल्लावां के स्थानीय लोग भी कावड़ यात्रा और मेले को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्राम प्रधान अनूप यादव ने बताया कि स्थानीय समुदाय ने मंदिर की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई स्वैच्छिक कार्य किए हैं। कई स्थानीय संगठनों ने कावड़ियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी की है। यह सामुदायिक सहयोग कावड़ यात्रा को और भी विशेष बनाता है।
सावन मास में हरदोई जिले में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर होता है। बाबा सुनासीर नाथ मंदिर के अलावा, जिले के अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कावड़ यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाती है। मल्लावां का यह मंदिर, जिसे मिनी काशी के रूप में भी जाना जाता है, हरदोई की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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