Hardoi News : खरीफ गोष्ठी और किसान मेला, कृषि नवाचार और योजनाओं से किसानों को सशक्त करने की पहल

जिला कृषि अधिकारी सतीश चन्द्र पाठक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को उनकी जोत के हिसाब से संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। उर्वरक संबं...

Jul 4, 2025 - 22:24
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Hardoi News : खरीफ गोष्ठी और किसान मेला, कृषि नवाचार और योजनाओं से किसानों को सशक्त करने की पहल

By INA News Hardoi.

हरदोई : बिलग्राम चुंगी के निकट कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र में खरीफ गोष्ठी, किसान मेला, और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह आयोजन कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना, और त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया गया, जिसमें किसानों को कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी गई।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं, और नवाचारों से अवगत कराना था ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। नितिन अग्रवाल ने अपने संबोधन में किसानों को देश की अर्थव्यवस्था और खुशहाली का आधार बताया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पिछले छह वर्षों में विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में दोगुने से अधिक की वृद्धि की गई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हरदोई के किसानों सहित लाखों किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो रहे हैं।उन्होंने श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जो न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। हरदोई में 81 किसान उत्पादक संगठन (FPO) कार्यरत हैं, जो किसानों को सस्ते दर पर कृषि यंत्र, खाद, बीज, और उन्नत तकनीकों की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इन संगठनों के माध्यम से किसान अपने उत्पादों को देश-विदेश में ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेच रहे हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस प्रकार के कार्यक्रम विकास खंड स्तर पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं और तकनीकों से लाभान्वित हो सकें।जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि अगले महीने जिले में निष्क्रिय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को सक्रिय करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे किसानों को उनके गांव में ही उचित दर पर कृषि निवेश उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी अनुनय झा ने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों और अन्य कृषि निवेशों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने उर्वरक खरीद में किसी भी समस्या के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 05852-299155, 05852-299195, और 05852-299157 पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कृषि मेलों और गोष्ठियों में वृद्धावस्था पेंशन और आयुष्मान कार्ड के लिए कैंप और स्टाल अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।मुख्य विकास अधिकारी सान्या छावड़ा ने किसानों से अपील की कि वे फार्मर रजिस्ट्री बनवाएं, क्योंकि यह उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों को वृक्षारोपण अभियान के तहत उनके गांव में दो-दो पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। उप कृषि निदेशक सतीश चन्द्र पाण्डेय ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना के तहत 2,000 हेक्टेयर में तिल और 2,000 हेक्टेयर में मूंगफली के बीज निःशुल्क वितरित कर क्लस्टर प्रदर्शन आयोजित करने की जानकारी दी। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत बैच ड्रायर और पॉपिंग मशीन की अनुदान पर बुकिंग दर्शन पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदानित कृषि यंत्रों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।जिला कृषि अधिकारी सतीश चन्द्र पाठक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को उनकी जोत के हिसाब से संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। उर्वरक संबंधी समस्याओं के लिए मोबाइल नंबर 9695588008 और 8960717008 पर संपर्क कर समाधान प्राप्त किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र, हरदोई के अध्यक्ष ए.के. तिवारी ने श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती को मृदा और मानव स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम बताया, क्योंकि इसकी खेती में कम सिंचाई और उर्वरकों की आवश्यकता होती है। वैज्ञानिक डी.बी. सिंह ने खरीफ फसलों में कीट और रोग नियंत्रण तथा खेत की तैयारी के बारे में जानकारी दी, जबकि वैज्ञानिक त्रिलोकी नाथ राय ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खाद और उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया।कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। नितिन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार के लिए 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान के लिए तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने सिलवारी एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, माधौगंज एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, प्योर रूट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, और गोगा एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी। इसके अलावा, 15 किसानों को मूंगफली, 23 किसानों को तिल, ज्वार, सांवा, और अरहर के निःशुल्क मिनी-किट बीज, 5 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, और 13 किसानों को सोलर पंप और प्रधानमंत्री सम्मान निधि के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में कृषि परीक्षण केंद्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम में कृषि, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, एनआरएलएम, और निजी संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए गए, जहां किसानों को विभिन्न योजनाओं और तकनीकों की जानकारी दी गई। आयोजन में ब्लॉक प्रमुख अहिरोरी धर्मवीर सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी निधि राठौर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रजीत यादव, सहायक निदेशक मत्स्य धर्मराज सिंह, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी विनीत कुमार, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पुत्तन लाल, समन्वयक फसल बीमा सत्येंद्र सिंह, विपणन निरीक्षक, और विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, किसान संगठनों के पदाधिकारी, और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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