Sitapur : सामुदायिक शौचालय केयर टेकरों का धरना, वर्षों से मानदेय और रख-रखाव राशि नहीं मिलने का आरोप
धरना दे रहे केयर टेकरों का आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और सचिवों ने बिना नोटिस या पूर्व सूचना के उन्हें काम से हटा दिया है जो नियमों के खिलाफ है। सकरन विकास खंड
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में चलाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों में काम करने वाले केयर टेकरों को लंबे समय से मानदेय और शौचालय रख-रखाव के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह की राशि नहीं मिल रही है। इससे नाराज केयर टेकरों ने सोमवार से धरना शुरू कर दिया है।
धरना दे रहे केयर टेकरों का आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और सचिवों ने बिना नोटिस या पूर्व सूचना के उन्हें काम से हटा दिया है जो नियमों के खिलाफ है। सकरन विकास खंड की ग्राम पंचायत टेड़वा कला की केयर टेकर रेखा देवी ने बताया कि उनका लगभग 31 महीने का मानदेय बकाया है जबकि वे लगातार काम करती रहीं। रेउसा विकास खंड की ग्राम पंचायत करसा की केयर टेकर सावित्री ने 57 महीने से मानदेय न मिलने की बात कही। अन्य केयर टेकरों ने भी कई महीनों से भुगतान न होने का आरोप लगाया।
केयर टेकरों का कहना है कि उन्होंने ब्लॉक और पंचायत विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित किया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। धरना शुरू होने के एक दिन बाद भी खंड विकास अधिकारी या पंचायत विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आरोप है कि केवल एलआईयू के कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे, फोटो लेकर चले गए लेकिन समस्याएं सुनने या समाधान का कोई प्रयास नहीं किया।
जनसमर्थ कल्याणकारी एसोसिएशन (रजि. 408015) ने जिलाधिकारी सीतापुर को लिखित ज्ञापन सौंपा है जिसमें बकाया मानदेय और रख-रखाव राशि के भुगतान तथा बिना नोटिस हटाए गए केयर टेकरों की बहाली की मांग की गई है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुड्डू सिंह चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बकाया भुगतान और हटाए गए कर्मचारियों को वापस काम पर नहीं रखा गया तो आंदोलन को जिला से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
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