Hardoi: करवाचौथ के चांद का दीदार होने पर व्रती महिलाओं ने खोला व्रत, पति की लम्बी उम्र की कामना की
पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत रखती हैं। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अधिक उत्साह (Karwa Chauth 2024 Celebration) के साथ मनाया जाता है।
Hardoi News INA.
Vijay Laxmi Singh(Editor-In-Chief) on Karwachauth Special..
करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से विवाहित महिलाओं अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। साथ ही पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ न करने से साधक शुभ फल की प्राप्ति से वंचित रहता है। हर साल सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ(Karwachauth) के पर्व का बेहद इंतजार रहता है।
पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत रखती हैं। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अधिक उत्साह (Karwa Chauth 2024 Celebration) के साथ मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए करवा माता की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं।
अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और बेहतर जीवन के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत रखती हैं। इस दिन सूर्योदय होने से पहले सरगी की परंपरा है। इस दौरान महिलाएं करवा चौथ(Karwachauth) व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर उपवास रखते हुए रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन और पूजन करते हुए व्रती महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं।
इस दिन शाम को करवा माता, भगवान गणेश की पूजा और कथा सुनने का विधान है। करवा चौथ(Karwachauth) की रात को महिलाओं ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और चन्द्रमा निकलने पर अर्घ्य देकर अपने पतियों की लम्बी उम्र की कामना की। महादेव को खीर, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर सौभाग्य प्राप्त करने की भी कामना महिलाओं ने की।
करवाचौथ के दिन व्रत रखकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने विधिपूर्वक पूजन किया। वहीं सांडी विधायक प्रभाष कुमार की पत्नी समाजसेविका निरमा देवी ने भी परम्परागत रीति से पूजन किया। भाजपा महिला जिलाध्यक्ष अलका गुप्ता ने वैदिक रीति से पूजन अर्चन कर अपने पति की लम्बी उम्र की कामना की।
इसके अलावा लेखिका अमिता मिश्रा 'मीतू' व बंदना सिंह सहित अन्य महिलाओं ने पूरे दिन करवाचौथ का व्रत रखकर चांद के दीदार के बाद विधिपूर्वक पूजन किया और खीर, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर आशीर्वाद मांगा तथा अपने पतियों की लम्बी उम्र की कामना की। श्वेरा खेरा व सपना सिंह ने भी अपने पति की दीर्घायु के लिए पूजन-अर्चना की।
आइये जानते हैं करवाचौथ व्रत कथा के बारे में...
पौराणिक कथा के अनुसार, एक द्विज नामक ब्राह्मण था। उसके सात बेटे व वीरावती नाम की एक कन्या थी। एक बार वीरावती ने मायके में करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत किया।
उन्होंने व्रत के दौरान अन्न और जल का सेवन नहीं किया, जिसकी वजह से वीरावती बेहद परेशान हो गई थी। ऐसे में उसके भाइयों ने गांव के बाहर वट के वृक्ष पर एक लालटेन जला दी और अपनी बहन से कहा कि चन्द्रमा निकल आया है और उनसे अर्घ्य देने के लिए कहा।
अर्घ्य देने के बाद वीरावती भोजन करने के लिए बैठी तो पहले कौर में बाल निकला, दूसरे कौर में छींक आई और तीसरे कौर में ससुराल से बुलावा और जब वीरावती ससुराल पहुंची, तो उसके पति की मृत्यु हो चुकी थी, जिसकी वजह से वीरावती बिलख बिलखकर रोने लगी।
उसी समय इंद्राणी ने वीरावती से कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चर्तुथी तिथि का व्रत करने के लिए कहा। इसके बाद वीरावती ने विधिपूर्वक व्रत किया। व्रत के पुण्य-प्रताप से वीरावती के पति को पुन: जीवन मिल गया। तभी से पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ(Karwachauth) का व्रत करती है, जिससे पति को दीर्घायु का वरदान प्राप्त होता है। इस परंपरा को आज भी निभाया जा रहा है।
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