Gonda : गोंडा में नलकूप विभाग में करोड़ों की कथित धांधली- पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक पलटूराम ने एक्सईएन नंदलाल पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, संपत्ति जांच की मांग
विधायक पलटूराम का आरोप है कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान नलकूपों के निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसा
गोंडा जिले के नलकूप विभाग में करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक पलटूराम ने नलकूप विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) नंदलाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी आय से अधिक संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विधायक पलटूराम का आरोप है कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान नलकूपों के निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को ठेके दिए गए। कई जगहों पर बिना काम हुए भुगतान कर दिया गया, जबकि जहां काम हुआ वहां घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
नलकूपों की बोरिंग, पंप हाउस निर्माण, पाइप लाइन और विद्युत संयोजन जैसे कार्यों में फर्जी माप पुस्तिकाएं (एमबी) भरकर सरकारी धन का गबन किया गया। विधायक का कहना है कि इन कार्यों के बदले भारी कमीशनखोरी हुई और एक्सईएन ने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से अकूत संपत्ति बनाई। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ हुई। शिकायतों के बावजूद जांच नहीं हुई और आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव सिंचाई को पहले पत्र भेजे गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अब कड़ा रिमाइंडर भेजा गया है।
विधायक ने कहा कि नंदलाल के कार्यकाल में उनके और करीबियों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिनका कोई वैध आय स्रोत नहीं दिखता। उन्होंने मांग की कि एक्सईएन नंदलाल, जुड़े ठेकेदारों, दलालों और अधिकारियों की संपत्तियों की ईडी, विजिलेंस या स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो ताकि सच सामने आए। पलटूराम ने जोर दिया कि नलकूप योजनाएं किसानों के हित से जुड़ी हैं। भ्रष्टाचार के कारण नलकूप समय पर चालू नहीं हो पाते और किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिलता। इससे किसानों को नुकसान होता है और सरकारी योजनाओं की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएंगे।
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