Kanwar Yatra 2025: प्रेमिका को IPS बनाने की मन्नत में दिल्ली के राहुल ने उठाई 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar)
Kanwar Yatra: हरिद्वार से दिल्ली तक की कांवड़ (Kanwar) यात्रा में हर साल लाखों शिवभक्त हिस्सा लेते हैं, लेकिन इस बार बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर एक युवक की...
हरिद्वार से दिल्ली तक की कांवड़ (Kanwar) यात्रा में हर साल लाखों शिवभक्त हिस्सा लेते हैं, लेकिन इस बार बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर एक युवक की अनोखी कहानी सुर्खियों में है। दिल्ली के नरेला निवासी राहुल कुमार ने अपनी प्रेमिका के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बनने की कामना के साथ 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar) उठाई। राहुल, जो खुद 12वीं पास हैं, अपनी प्रेमिका की सफलता के लिए हर साल कांवड़ (Kanwar) यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रेमिका IPS नहीं बन जाती, वह यह मन्नत पूरी करते रहेंगे। यह उनकी चौथी कांवड़ (Kanwar) यात्रा है, और वह तब तक इसे जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं जब तक उनका सपना पूरा नहीं हो जाता।
कांवड़ (Kanwar) यात्रा, जो हर साल सावन (Savan) के महीने में होती है, शिवभक्तों के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है। इस दौरान भक्त हरिद्वार, गंगोत्री या अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पैदल यात्रा करते हैं। राहुल कुमार ने भी इस साल हरिद्वार की हर की पौड़ी से 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar) उठाई। उनकी यह यात्रा करीब 220 किलोमीटर लंबी है, जो हरिद्वार से दिल्ली के नरेला तक जाती है। राहुल ने बताया कि यह उनकी चौथी कांवड़ (Kanwar) यात्रा है। इससे पहले वह 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar) ला चुके हैं। इस बार उन्होंने गंगाजल की मात्रा बढ़ाकर 121 लीटर की, जो उनकी प्रेमिका के लिए उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाता है।
राहुल का कहना है कि उनकी प्रेमिका IPS बनने की तैयारी कर रही है। वह चाहते हैं कि उनकी प्रेमिका इस कठिन परीक्षा में सफल हो और देश की सेवा में योगदान दे। राहुल ने यह भी कहा कि वह अपनी प्रेमिका से तभी शादी करेंगे, जब वह IPS बन जाएगी। इस मन्नत के लिए वह हर साल कांवड़ (Kanwar) यात्रा करते हैं, और भगवान शिव से अपनी प्रेमिका की सफलता की प्रार्थना करते हैं। उनकी इस अनोखी कहानी ने लोगों के बीच कौतूहल पैदा किया है।
कांवड़ (Kanwar) यात्रा आसान नहीं होती। 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar) का वजन काफी भारी होता है, और इसे कंधों पर उठाकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलना शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन है। राहुल ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान उनके घुटने में दर्द हुआ, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। लेकिन उनके रिश्तेदारों और दोस्तों—अनिल, शुभम, शिवम, विकास और नंदलाल—ने उनकी मदद की। नंदलाल बाइक पर उनके साथ चल रहे थे, ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता दी जा सके। उनके दोस्तों ने कांवड़ (Kanwar) को आगे बढ़ाने में भी सहयोग किया, जिससे राहुल की यात्रा पूरी हो सकी।
राहुल की यह यात्रा बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी। स्थानीय लोग उनकी भक्ति और समर्पण को देखकर हैरान थे। कई लोगों ने उनकी मन्नत और प्रेम कहानी की तारीफ की, तो कुछ ने इसे एक अनोखा उदाहरण माना। राहुल ने कहा कि उनकी प्रेमिका भी उनकी इस मन्नत से खुश है और उन्हें प्रोत्साहित करती है।
IPS बनना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा पास करनी होती है, जो देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा के लिए स्नातक की डिग्री अनिवार्य है, और उम्मीदवार को प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार—तीन चरणों से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा, IPS के लिए शारीरिक योग्यता भी जरूरी है, जैसे पुरुषों के लिए न्यूनतम 165 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 150 सेंटीमीटर लंबाई। दृष्टि और अन्य शारीरिक मापदंड भी पूरे करने होते हैं।
सोशल मीडिया पर भी राहुल की इस कहानी को खूब सराहा जा रहा है। कई लोगों ने इसे प्रेम और भक्ति का सुंदर संगम बताया, तो कुछ ने राहुल के जज्बे की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “राहुल का समर्पण प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि सच्चा प्यार और आस्था कितनी ताकत दे सकती है।”
बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर हर साल सावन (Savan) में कांवड़ (Kanwar)ियों की भीड़ उमड़ती है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शिवभक्त इस दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते हैं। इस साल भी मार्ग पर भारी भीड़ देखी गई, और राहुल जैसे कई भक्त अपनी मन्नतों के साथ यात्रा में शामिल हुए। प्रशासन ने भी यात्रा को सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, जैसे पानी, मेडिकल कैंप और सुरक्षा व्यवस्था।
राहुल कुमार की 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ (Kanwar) यात्रा उनकी प्रेमिका के IPS बनने के सपने को पूरा करने की उनकी अटूट मन्नत का प्रतीक है। यह कहानी न केवल उनकी आस्था और प्रेम को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सपनों को साकार करने के लिए लोग कितनी दूर तक जा सकते हैं।
कांवड़ (Kanwar) यात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि भक्तों के संकल्प और समर्पण को भी उजागर करती है। राहुल की कहानी इस बात का उदाहरण है कि लोग अपनी व्यक्तिगत मन्नतों को पूरा करने के लिए कितनी मेहनत और विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं। उनकी प्रेमिका के लिए यह मन्नत न केवल उनकी प्रेम कहानी को खास बनाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आस्था और प्रेम का मेल कितना अनोखा हो सकता है।
राहुल ने बताया कि उनकी प्रेमिका इस समय यूपीएससी की तैयारी में जुटी है। वह खुद 12वीं पास हैं, लेकिन अपनी प्रेमिका के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं। उनकी प्रेमिका की उम्र और शैक्षिक योग्यता के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन राहुल का कहना है कि वह पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर रही है। यूपीएससी की परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं, लेकिन केवल कुछ सौ ही सफल हो पाते हैं।
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