पीएम मोदी का करारा प्रहार- सपा की राजनीति पर घेराबंदी, 'परिवारवाद और जातिवाद' को बताया विकास की राह में रोड़ा

हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विशेष रूप से 'परिवारवाद' के मुद्दे को केंद्र में रखा और इसे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई राजनीतिक दल केवल एक परिवार की उन्नति के लिए काम क

By INA News Desk
Apr 29, 2026 - 13:42
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पीएम मोदी का करारा प्रहार- सपा की राजनीति पर घेराबंदी, 'परिवारवाद और जातिवाद' को बताया विकास की राह में रोड़ा
पीएम मोदी का करारा प्रहार- सपा की राजनीति पर घेराबंदी, 'परिवारवाद और जातिवाद' को बताया विकास की राह में रोड़ा

  • उत्तर प्रदेश को सावधान रहने की चेतावनी: प्रधानमंत्री ने सपा और सहयोगियों को बताया विकास विरोधी, भ्रष्टाचार के पुराने दौर की याद दिलाई
  • नए भारत में जातिवाद की जगह नहीं: प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान, समाजवादी पार्टी की कार्यशैली को बताया जनता के अधिकारों का हनन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। एक हालिया सार्वजनिक संबोधन में प्रधानमंत्री ने सपा की मूल विचारधारा और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दल कभी भी अपने संकीर्ण पारिवारिक हितों और जातिगत समीकरणों से ऊपर नहीं उठ सका है। उन्होंने मतदाताओं को सचेत करते हुए कहा कि सपा और उसके गठबंधन सहयोगियों की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित है, न कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को इन दलों के इरादों से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इनका इतिहास विकास विरोधी गतिविधियों और भाई-भतीजावाद से भरा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हो रहा है और राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विशेष रूप से 'परिवारवाद' के मुद्दे को केंद्र में रखा और इसे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई राजनीतिक दल केवल एक परिवार की उन्नति के लिए काम करता है, तो वह आम नागरिक के अधिकारों और प्रतिभा की अनदेखी करने लगता है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस दल के लिए 'समाजवाद' का अर्थ केवल अपने परिवार का भला करना रह गया है। उन्होंने पुराने दौर की याद दिलाते हुए कहा कि पहले की सरकारों में नियुक्तियों से लेकर ठेकों तक, हर जगह केवल एक खास कुनबे और उनके करीबियों का बोलबाला रहता था। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने इस संस्कृति को खत्म कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जहां योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है न कि पारिवारिक संबंधों को।

जातिवाद की राजनीति पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सपा ने हमेशा समाज को बांटकर अपना वोट बैंक सुरक्षित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर राजनीति करने वाले इन दलों ने कभी भी गरीबों, पिछड़ों और दलितों के वास्तविक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। इसके विपरीत, उन्होंने इन वर्गों को केवल चुनावी मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं जैसे उज्ज्वला, पीएम आवास और आयुष्मान भारत का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ बिना किसी जातिगत भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जातिवाद की यह राजनीति विकास की रफ्तार को धीमा करती है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है, जिससे प्रदेश को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा है।

विकास बनाम तुष्टीकरण

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बिंदु रखा कि विकास और तुष्टीकरण एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें कुछ विशेष क्षेत्रों और समुदायों को खुश करने के लिए संसाधनों का बंदरबांट करती थीं, जबकि वर्तमान सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बन रहे नए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक गलियारों को इस बदलाव का जीता-जागता सबूत बताया। विकास विरोधी राजनीति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स लाने की बात होती थी, तब तत्कालीन सपा सरकार ने उसमें अड़ंगे लगाने का काम किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स वर्षों तक फाइलों में दबे रहे क्योंकि पिछली सरकारों की प्राथमिकता विकास नहीं, बल्कि अपनी तिजोरियां भरना थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने के बजाय केवल दंगाइयों और अपराधियों को संरक्षण देते थे, वे आज विकास की बात कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे उन ताकतों को पहचानें जो उत्तर प्रदेश को फिर से उसी अंधेरे युग में धकेलना चाहती हैं जहां माफियाओं का राज चलता था।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने सपा और उसके सहयोगियों को घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान पहले 'गुंडाराज' और 'भ्रष्टाचार' से होती थी, लेकिन आज यह निवेश और प्रगति का केंद्र बन चुका है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में अपराधी बेखौफ थे क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। प्रधानमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिकता नहीं थी, बल्कि वे वोट बैंक के लालच में गंभीर अपराधों पर भी आंखें मूंद लेते थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन विकास विरोधी ताकतों को फिर से मौका मिला, तो प्रदेश में निवेश का जो माहौल बना है, वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाएगी। प्रधानमंत्री ने गठबंधन की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल अवसरवादी नेताओं का जमावड़ा है। उन्होंने कहा कि जो दल कल तक एक-दूसरे को कोसते थे, वे आज केवल मोदी को हटाने के लिए एक साथ आ गए हैं। इस गठबंधन के पास न तो प्रदेश के विकास का कोई रोडमैप है और न ही कोई स्पष्ट नेतृत्व। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सहयोगियों का एकमात्र एजेंडा भ्रष्टाचार को बचाना और अपने-अपने परिवारों की राजनीतिक विरासत को सुरक्षित करना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा ऐसे दल को समर्थन देने में लगाएं जो उनके कौशल और सपनों को वैश्विक मंच प्रदान कर सके, न कि उन लोगों को जो उन्हें जाति और मजहब की बेड़ियों में जकड़े रखना चाहते हैं।

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