Sambhal: नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडत’ पर धार्मिक संगठनों का तीव्र विरोध, मुफ्ती आलम रज़ा नूरी बोले- धर्मगुरुओं की मान-मर्यादा से खिलवाड़, कड़ी कार्रवाई की मांग।
नेटफ्लिक्स पर हाल ही में लॉन्च हुई वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां विपक्षी दलों के साथ-साथ संत समाज भी इस
उवैस दानिश, सम्भल
नेटफ्लिक्स पर हाल ही में लॉन्च हुई वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां विपक्षी दलों के साथ-साथ संत समाज भी इस वेब सीरीज़ का विरोध कर रहा है, वहीं अब मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पत्रकारों से बातचीत में मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने कहा कि उन्होंने स्वयं यह वेब सीरीज़ नहीं देखी है और न ही उन्हें इसकी विशेष जानकारी है, लेकिन जिस तरह से इसके बारे में बताया जा रहा है, उससे धार्मिक लोगों और धर्मगुरुओं की मान-मर्यादा को ठेस पहुँचती है। उन्होंने कहा कि हर समाज की यह जिम्मेदारी होती है कि वह धार्मिक लोगों के बारे में अच्छी सोच और अच्छे विचार रखे, ताकि देश और समाज का भला हो सके। धर्मगुरु समाज को सही रास्ता दिखाने, सही ढंग से जीने की शिक्षा देने का काम करते हैं। वे कभी भी ऐसा कार्य नहीं बताते जिससे देश या समाज को नुकसान पहुँचे। मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने कहा कि यदि किसी वेब सीरीज़ या कंटेंट के माध्यम से धर्मगुरुओं को बदनाम करने की कोशिश की गई है, तो यह बेहद निंदनीय है। ऐसे कंटेंट से समाज में गंदगी फैलती है और सामाजिक सौहार्द को भारी नुकसान पहुँचता है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की “छोटी मानसिकता” को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और संबंधित वेब सीरीज़ पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। फिलहाल, ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर बढ़ते विरोध के बीच अब देखना यह होगा कि नेटफ्लिक्स या प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है जबकि प्रशासन ने वेब सीरीज पर आपत्ति को देखते हुए वेब सीरीज बनाने वालों पर एफआईआर दर्ज की है। विरोध के बीच फिल्म निर्देशक का ऐलान है कि'आपत्तिजनक नाम और कंटेंट हटाए जाएंगे।
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