Sitapur : ग्रामीण इलाकों में अलाव की कमी से ठंड से राहत नहीं
लोगों ने बताया कि सार्वजनिक जगहों, चौराहों, पंचायत भवनों, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों, बस अड्डों, सहकारी समितियों और स्वास्थ्य केंद्रों पर अलाव जलने
सीतापुर। कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गांवों में स्थिति ज्यादा खराब है। तापमान गिरने से बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और राहगीर ठंड से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने ठंड से बचने के लिए अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीन पर इसका असर नहीं दिख रहा। कई गांवों में अलाव सिर्फ कागजों पर हैं। ग्राम प्रधान और सचिव असल व्यवस्था करने की बजाय औपचारिकता निभाने में लगे हैं।
लोगों ने बताया कि सार्वजनिक जगहों, चौराहों, पंचायत भवनों, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों, बस अड्डों, सहकारी समितियों और स्वास्थ्य केंद्रों पर अलाव जलने चाहिए थे, लेकिन वहां न लकड़ी है और न कोई जिम्मेदार व्यक्ति। ठंड की वजह से मजदूर, रिक्शा चालक, स्कूली बच्चे, किसान और खुले में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांवों में जल्द अलाव की ठोस व्यवस्था की जाए। लापरवाही करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों की जांच हो और उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ठंड से राहत मिले और सरकार की योजना सही तरीके से लागू हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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