छात्र ने पेश की मिसाल - मां के अंतिम संस्कार के दिन दी बोर्ड की परीक्षा।
अंतिम संस्कार से पहले सुनील कुमार जब परीक्षा देने के लिए गया था तो उसने अपनी मां को छूकर कहा कि मां थोड़ी देर और रुक जाओ, मैं वापस आऊंगा....
तमिलनाडु में एक छात्र ने एक ऐसी मिशाल क़ायम की है जिससे पढ़ाई करने वाले छात्रों को छात्र की मिसाल से कुछ सीखना पड़ेगा। छात्र के द्वारा पेश की गई मिसाल को लोग सलाम कर रहे।
- मां के अंतिम संस्कार के दिन दी परीक्षा
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के वल्लीयूर में एक छात्र, सुनील कुमार, ने एक अद्भुत साहस और समर्पण की मिसाल पेश की। यहां छात्र की मां, सुबलक्ष्मी, का सोमवार को निधन हो गया, लेकिन इसके बावजूद सुनील ने अपनी परीक्षा को प्राथमिकता दी। मां की मौत के बावजूद, उन्होंने तमिल भाषा की 12वीं कक्षा की परीक्षा दी और परीक्षा समाप्त होने के बाद ही घर लौटे।
- बेटे ने परीक्षा को दिया महत्व
सुनील कुमार परीक्षा देने के बाद सीधे अपने घर पर पहुंचा जहां पर उन्होंने अपनी मां के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में भाग लिया। लेकिन अंतिम संस्कार से पहले सुनील कुमार जब परीक्षा देने के लिए गया था तो उसने अपनी मां को छूकर कहा कि मां थोड़ी देर और रुक जाओ, मैं वापस आऊंगा। इतना सुनना ही था कि वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। लड़के की बातों को सुनने के बाद सभी की आंखों में आंसू छलक आये। वहीं सुनील ने शिक्षा को लेकर एक अच्छी मिसाल पैदा की है जिससे नई उम्र के लोग शिक्षा के प्रति जागरूक होते हुए दिखाई देंगे।
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- महाराष्ट्र में भी आया था कुछ ऐसा मामला
महाराष्ट्र से भी कुछ ऐसा एक मामला सामने आया था। जहां देखा गया था कि जब दिशा के पिता बीमारी से जूझ रहे थे और उनका निधन हो गया, तो वह इस कठिन समय में अपनी परीक्षा देने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन उनके शिक्षक शिवलिंग नागपुरे ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। 16 वर्षीय दिशा ने अपने आंसू पोंछे, अपने पिता को अंतिम विदाई दी, और फिर मराठी परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र की ओर बढ़ी। भादा गांव के निवासी प्रेमनाथ लाटूरे ने बताया कि दिशा जब औसा में अपनी परीक्षा दे रही थी, तब उनके पिता का अंतिम संस्कार हो रहा था।
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