Budget 2026 में पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा, राजकोषीय घाटा 4.3% पर लक्षित, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण को मजबूत करने पर जोर

बजट में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सात रणनीतिक क्षेत्रों में स्केलिंग की योजना है। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आउटले रखा गया है, जो बायोलॉजिक्स और बायोसि

Feb 1, 2026 - 14:18
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Budget 2026 में पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा, राजकोषीय घाटा 4.3% पर लक्षित, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण को मजबूत करने पर जोर
Budget 2026 में पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा, राजकोषीय घाटा 4.3% पर लक्षित, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण को मजबूत करने पर जोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय Budget पेश किया, जो उनका लगातार नौवां Budget है। Budget को तीन 'कर्तव्य' या 'कार्तव्य' पर आधारित बताया गया है, जो विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में हैं। Budget में युवाशक्ति पर जोर देते हुए आर्थिक विकास को तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर फोकस किया गया है। कुल Budget आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है और राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत पर लक्षित है। Budget में विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

वित्त मंत्री ने Budget में पूंजीगत व्यय को 9 प्रतिशत बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह बढ़ोतरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की गति बनाए रखने और आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए की गई है। राजकोषीय घाटा 2026-27 के लिए 4.3 प्रतिशत जीडीपी पर अनुमानित है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 4.4 प्रतिशत था। कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें नेट टैक्स प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। Budget में इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना प्रस्तावित की गई है, जो ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। साथ ही, सात पर्यावरण अनुकूल उच्च गति रेल गलियारों की घोषणा की गई है, जो देश के विभिन्न दिशाओं में विकास को जोड़ेंगे। एक समर्पित पूर्व-पश्चिम फ्रेट कॉरिडोर और अगले पांच वर्षों में 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने की योजना है। कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम से अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय शिपिंग का हिस्सा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 12 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

Budget 2026 में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन करदाताओं के लिए अनुपालन सरल बनाने और राहत के कई उपाय, आईटीआर फाइलिंग की समयसीमा बढ़ी

Budget में आयकर स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, नई और पुरानी दोनों कर व्यवस्थाओं में। हालांकि, करदाताओं के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं। आईटीआर फाइलिंग की समयसीमा को 31 जुलाई तक स्तरीय बनाया गया है। छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया से निल या लोअर डिडक्शन सर्टिफिकेट मिलेगा। सीनियर सिटीजन फॉर्म 15G/15H को एनएसडीएल और सीडीएसएल के माध्यम से जमा कर सकेंगे। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज पर इनकम टैक्स छूट और टीडीएस समाप्त किया गया है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। अपडेटेड रिटर्न रीअसेसमेंट के बाद भी फाइल किए जा सकेंगे। टीडीएस दरों को रेशनलाइज किया गया है। विदेशी यात्रा पैकेज पर टीसीएस दर 5-20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए टीसीएस 5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत किया गया है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर टैरिफ 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है।

Budget 2026 में विनिर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, बायोफार्मा शक्ति योजना और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च, डिफेंस आवंटन में वृद्धि

Budget में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सात रणनीतिक क्षेत्रों में स्केलिंग की योजना है। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आउटले रखा गया है, जो बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया जाएगा, जिसमें उपकरण, सामग्री उत्पादन, फुल-स्टैक इंडियन आईपी और सप्लाई चेन मजबूत करने पर फोकस है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए आउटले 40,000 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। रेयर अर्थ कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित किए जाएंगे। रासायनिक पार्क क्लस्टर आधारित प्लग-एंड-प्ले मॉडल से स्थापित होंगे। डिफेंस मिनिस्ट्री के लिए आवंटन 7.84 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले वर्ष से 15.3 प्रतिशत अधिक है। स्वास्थ्य क्षेत्र में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब, तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और जामनगर में WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर का अपग्रेडेशन प्रस्तावित है। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम्स ड्यूटी माफ की गई है। माइक्रोवेव ओवन पार्ट्स और लिथियम-आयन सेल निर्माण के कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी छूट दी गई है।

Budget में शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता तक के लिए हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी गठित की जाएगी। डेटा सेंटर्स के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे प्रस्तावित है। एसटीटी में फ्यूचर्स पर 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस पर 0.10 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत किया गया है। एनआरआई निवेश सीमा बढ़ाई गई है। कुल मिलाकर Budget विकसित भारत की नींव मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण और समावेशी विकास पर केंद्रित है।

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