Sambhal: सम्भल में प्रवीण तोगड़िया का विवादित और भड़काऊ बयान, वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज, बांग्लादेश और मुस्लिम समाज को लेकर उग्र टिप्पणियाँ।
शहजादी सराय स्थित एक मैरिज हॉल में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: शहजादी सराय स्थित एक मैरिज हॉल में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया के बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंच से दिए गए उनके भाषण में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, कश्मीर, मुस्लिम समाज और बांग्लादेश को लेकर कई आपत्तिजनक और आक्रामक टिप्पणियाँ की गईं, जिनका वीडियो और बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।
डॉ. तोगड़िया ने जम्मू स्थित वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज का जिक्र करते हुए दावा किया कि एमबीबीएस की 50 सीटों में से 42 सीटें कश्मीर के मुस्लिम छात्रों को दिए जाने के खिलाफ उन्होंने आंदोलन किया। उन्होंने मंच से कहा कि उनके दबाव के बाद इन छात्रों की मान्यता रद्द कर दी गई। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक मंच से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और भीड़ से नारे भी लगवाए, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद लोग जोश में नजर आए। यहीं नहीं, अपने भाषण में डॉ. तोगड़िया ने अमरनाथ भूमि विवाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी आंदोलन के जरिए “श्रीनगर और दिल्ली को झुकाया गया था।” उन्होंने इसे हिंदू समाज की ताकत बताया और आगे भी इसी तरह के आंदोलनों की चेतावनी दी।
बयान का सबसे गंभीर हिस्सा तब सामने आया जब उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए भारत सरकार से सीधे सैन्य कार्रवाई की मांग कर डाली। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति को पकड़कर भारत लाया जाना चाहिए और ड्रोन, जेट व मिसाइल भेजने जैसी बातें कहीं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा डॉ. तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने, कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को देश से बाहर निकालने, आर्थिक लेन-देन और रोजगार को धार्मिक आधार से जोड़ने जैसे मुद्दों पर भी खुले तौर पर बयान दिए। उन्होंने हिंदू बहुमत बनाए रखने के लिए “कठोर व्यवस्था” की बात भी कही।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल और ओजस्विनी संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक जिला प्रशासन या किसी सरकारी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। डॉ. प्रवीण तोगड़िया के इन बयानों को लेकर सम्भल सहित प्रदेश भर में सियासी हलचल तेज होने की संभावना है और यह देखना अहम होगा कि प्रशासन या चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
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