James Webb Telescope ने खोजा ‘कॉस्मिक उल्लू’, 11 अरब प्रकाश वर्ष दूर दो रिंग Galaxy के टकराव का अनोखा नजारा। 

James Webb Telescope: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने अंतरिक्ष में एक ऐसी खोज की है, जिसने वैज्ञानिकों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इस खोज को ‘कॉस्मिक उल्लू’ नाम दिया ....

Jul 10, 2025 - 16:55
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James Webb Telescope ने खोजा ‘कॉस्मिक उल्लू’, 11 अरब प्रकाश वर्ष दूर दो रिंग Galaxy के टकराव का अनोखा नजारा। 

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने अंतरिक्ष में एक ऐसी खोज की है, जिसने वैज्ञानिकों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इस खोज को ‘कॉस्मिक उल्लू’ नाम दिया गया है, क्योंकि यह दो रिंग Galaxy के टकराव से बना एक ढांचा है, जो उल्लू के चेहरे जैसा दिखता है। यह अनोखा नजारा पृथ्वी से लगभग 11 अरब प्रकाश वर्ष दूर है, यानी यह हमें उस समय की तस्वीर दिखाता है, जब ब्रह्मांड केवल 2.8 अरब साल पुराना था। यह खोज Galaxy के विकास और तारों के जन्म को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नजारा न केवल दुर्लभ है, बल्कि ब्रह्मांड के शुरुआती इतिहास को जानने का एक अनोखा अवसर भी देता है। ‘कॉस्मिक उल्लू’ दो रिंग Galaxy के टकराव से बना एक ढांचा है, जो उल्लू के चेहरे की तरह दिखता है। इसमें दो चमकीले केंद्र ‘आंखों’ की तरह नजर आते हैं, और एक गैस का बादल ‘चोंच’ की तरह दिखता है। ये दोनों Galaxy, जिनका व्यास लगभग 26,000 प्रकाश वर्ष है, मिल्की वे Galaxy से काफी छोटी हैं। प्रत्येक Galaxy के केंद्र में एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है, जो सूर्य से 1 करोड़ गुना भारी है। ये ब्लैक होल अपने आसपास की सामग्री को निगल रहे हैं, जिससे उनके केंद्र चमकीले और सक्रिय दिखते हैं। इन Galaxy का टकराव लगभग 3.8 करोड़ साल पहले हुआ था, और यह ढांचा अभी भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि Galaxy टकराव आमतौर पर लाखों साल तक चलते हैं।

इस खोज को चीन के त्सिंघुआ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता मिंगयु ली और उनकी टीम ने James Webb Telescope के डेटा का विश्लेषण करते हुए की। उन्होंने बताया कि यह ढांचा COSMOS क्षेत्र में देखा गया, जो अंतरिक्ष का एक ऐसा हिस्सा है, जिसका वैज्ञानिकों ने गहन अध्ययन किया है। टेलीस्कोप की उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग ने इस अनोखे ढांचे को तुरंत सामने ला दिया। इसकी तस्वीरें और डेटा चिली के अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) और न्यू मैक्सिको के वेरी लार्ज ऐरे (VLA) से भी पुष्टि किए गए। एक अन्य शोध दल ने इस ढांचे को ‘इन्फिनिटी Galaxy’ नाम दिया, लेकिन ‘कॉस्मिक उल्लू’ नाम ज्यादा लोकप्रिय हो गया।

  • Galaxy टकराव और तारों का जन्म

‘कॉस्मिक उल्लू’ की सबसे खास बात इसका ‘चोंच’ वाला हिस्सा है, जहां दो Galaxy के टकराव से गैस का एक घना बादल बन गया है। इस क्षेत्र में एक Galaxy से निकलने वाला कणों का जेट (jet) गैस को संपीड़ित कर रहा है, जिससे वहां तारों का जन्म तेजी से हो रहा है। वैज्ञानिक इसे ‘स्टारबर्स्ट’ कहते हैं, यानी तारों के जन्म की तीव्र प्रक्रिया। ALMA के डेटा से पता चला कि इस ‘चोंच’ में आणविक गैस का एक बड़ा समू है, जो तारों के निर्माण का कच्चा माल है। यह प्रक्रिया Galaxy के विकास को समझने में अहम है, क्योंकि यह दिखाती है कि टकराव कैसे नए तारों और Galaxy संरचनाओं को जन्म दे सकते हैं।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह टकराव दो समान द्रव्यमान और संरचना वाली Galaxy के बीच हुआ, जिसके कारण यह सममित ढांचा बना। इस तरह के टकराव बहुत दुर्लभ हैं, क्योंकि रिंग Galaxy स्वयं केवल 0.01% Galaxy में पाई जाती हैं। सामान्य Galaxy, जैसे हमारी मिल्की वे, सर्पिल या अंडाकार होती हैं, लेकिन रिंग Galaxy तब बनती हैं, जब एक छोटी Galaxy बड़ी Galaxy के केंद्र से होकर गुजरती है, जिससे तारों और गैस की एक रिंग बन जाती है। ‘कॉस्मिक उल्लू’ में दो रिंग Galaxy का टकराव इसे और भी अनोखा बनाता है।

  • James Webb Telescope की खासियत

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को 25 दिसंबर 2021 को लॉन्च किया गया था। यह हबल स्पेस टेलीस्कोप का उत्तराधिकारी है और इसे विशेष रूप से इन्फ्रारेड खगोल विज्ञान के लिए डिजाइन किया गया है। यह टेलीस्कोप उन वस्तुओं को देख सकता है, जो हबल के लिए बहुत दूर या धुंधली थीं। यह ब्रह्मांड के शुरुआती समय, यानी बिग बैंग के 18 करोड़ साल बाद की वस्तुओं को देखने में सक्षम है। ‘कॉस्मिक उल्लू’ की खोज इसका एक उदाहरण है, जो 11 अरब प्रकाश वर्ष दूर की घटना को दर्शाता है। टेलीस्कोप की उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी ने वैज्ञानिकों को Galaxy टकराव और तारों के जन्म की प्रक्रिया को विस्तार से समझने में मदद की है।

‘कॉस्मिक उल्लू’ की खोज Galaxy के विकास को समझने में एक मील का पत्थर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के टकराव शुरुआती ब्रह्मांड में तारों के जन्म को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। यह ढांचा दिखाता है कि Galaxy टकराव न केवल नए तारों को जन्म देता है, बल्कि सुपरमैसिव ब्लैक होल के विकास को भी प्रभावित करता है। दोनों Galaxy के केंद्र में मौजूद ब्लैक होल सक्रिय हैं, जो गैस और धूल को निगलकर चमक रहे हैं। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिल रही है कि शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल कैसे इतने बड़े हो गए।

इस खोज से यह भी पता चलता है कि Galaxy टकराव शुरुआती ब्रह्मांड में तारों के जन्म की दर को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है। पहले के मॉडल में यह माना जाता था कि तारे धीरे-धीरे बनते हैं, लेकिन ‘कॉस्मिक उल्लू’ जैसे ढांचे दिखाते हैं कि टकराव से तारों का जन्म तेजी से हो सकता है। यह खोज वैज्ञानिकों को Galaxy के निर्माण और ब्रह्मांड के शुरुआती इतिहास को समझने के लिए नए सिमुलेशन और मॉडल बनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

‘कॉस्मिक उल्लू’ न केवल एक खूबसूरत अंतरिक्षीय नजारा है, बल्कि यह ब्रह्मांड के विकास की कहानी को समझने का एक अनमोल अवसर भी है। James Webb Telescope की यह खोज वैज्ञानिकों और आम लोगों को ब्रह्मांड के रहस्यों के करीब ला रही है। James Webb Telescope ने पहले भी कई अनोखी खोजें की हैं, जैसे प्रश्न चिह्न के आकार का ढांचा और बिल्ली की पूंछ जैसी गैस की संरचना। ‘कॉस्मिक उल्लू’ इन खोजों की सूची में एक और अनोखा इजाफा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की खोजें टेलीस्कोप की क्षमता को दर्शाती हैं, जो ब्रह्मांड के उन रहस्यों को उजागर कर रहा है, जिन्हें पहले देखना संभव नहीं था। वैज्ञानिक अब ‘कॉस्मिक उल्लू’ का और गहराई से अध्ययन करने की योजना बना रहे हैं। वे सिमुलेशन के जरिए यह समझना चाहते हैं कि इस तरह का सममित ढांचा कैसे बना। टकराव का कोण, Galaxy की मूल संरचना और अन्य शर्तों का विश्लेषण करके वे इस दुर्लभ घटना के पीछे की प्रक्रियाओं को समझने की कोशिश करेंगे। यह खोज भविष्य में ब्रह्मांड के शुरुआती समय को और बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।

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