Gonda : गीता गोष्ठी के रजत जयंती समारोह में भगवद्गीता से कर्म योद्धा बनने की प्रेरणा

आयोजक सुरेश दूबे ने संस्था की 25 साल की यात्रा पर रोशनी डाली। उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद दिया और वाराणसी के संत राजर्षि गांगेय हंस की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की।

By INA News Desk
Dec 14, 2025 - 21:35
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Gonda : गीता गोष्ठी के रजत जयंती समारोह में भगवद्गीता से कर्म योद्धा बनने की प्रेरणा
Gonda : गीता गोष्ठी के रजत जयंती समारोह में भगवद्गीता से कर्म योद्धा बनने की प्रेरणा
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गोण्डा शहर की प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था गीता गोष्ठी ने मालवीय नगर के रामलीला मैदान में अपना रजत जयंती समारोह धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में गीता ज्ञान प्रसार यात्रा, प्रवचन और कई संतों तथा राष्ट्रीय वक्ताओं के विचार रखे गए। पूरा आयोजन भक्ति और उत्साह से भरा रहा।

मुख्य वक्ता हरियाणा के गौतम खट्टर ने सनातन समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने युवाओं से कहा कि भारत से अलग होकर बने देशों की याद दिलाते हुए सनातन अनुयायियों को सच्चाई स्वीकार करने की ताकत विकसित करनी चाहिए। भगवद्गीता उदासी दूर करने के लिए संन्यास नहीं सिखाती, बल्कि मुश्किल हालात में भी कर्म योद्धा बनकर आगे बढ़ने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा कि बहादुरों जैसे आक्रमणकारियों की पूजा छोड़कर राजा सुहेलदेव जैसे वीरों को याद करना चाहिए।

आयोजक सुरेश दूबे ने संस्था की 25 साल की यात्रा पर रोशनी डाली। उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद दिया और वाराणसी के संत राजर्षि गांगेय हंस की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। युवा वक्ता महिम तिवारी ने वंदे मातरम गीत पर हो रहे विरोध को सांस्कृतिक मूल्यों पर हमला बताया। उन्होंने युवाओं से गीता के संदेश से प्रेरणा लेकर राष्ट्र विरोधी ताकतों का जवाब देने का आह्वान किया।

जूना अखाड़ा के स्वामी यतींद्रानंद गिरि और प्रेम आनंद महाराज ने कहा कि गीता को सिर्फ पूजा तक सीमित न रखें। उसके उपदेशों से प्रेरित होकर कर्म के क्षेत्र में उतरें और दुनिया में सनातन संस्कृति की गरिमा बढ़ाएं।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाने से हुई। सुबह रामेश्वर मंदिर में राष्ट्र कल्याण यज्ञ हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद सैकड़ों महिलाएं और स्कूली बच्चे कलश यात्रा में शामिल हुए। यात्रा शहर के मुख्य बाजारों और मंदिरों से गुजरी। विश्व हिंदू परिषद के नेता राकेश वर्मा, रामलीला कमेटी के अनिल सिंह और छात्र नेता धीरेंद्र पांडेय ने यात्रा का नेतृत्व किया। सभी ने गीता से प्रेरणा लेकर जीवन जीने का संकल्प लिया।

आयोजन में चंद्रभाल मिश्र, तुलसीदास रायचंदानी, योगेश प्रताप सिंह, केके श्रीवास्तव, अमर किशोर कश्यप और रमेश दूबे जैसे लोग सक्रिय रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भक्ति से भर दिया। आकाशवाणी की गायिका किरण पांडेय के निर्देशन में कीर्ति सिंह और प्रतीति पांडेय ने शास्त्रीय भजन पेश किए। कान्हा से लगाव, राधा के भजन, मुरलीधर कृष्ण कन्हाई और गोविंद हरे मुरारी जैसे गीतों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। पूरा समारोह देर शाम तक चला और लोगों को गीता के संदेश से जोड़ने में सफल रहा।

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