Sambhal: हाजियों के लिए स्मार्ट बैंड और मेडिकल पाबंदियों पर हज ट्रेनर कारी वसी अशरफ ने दी विस्तृत जानकारी।
मौहल्ला ठेर थाना सम्भल स्थित मदरसा अजमल उलूम में जिला हज ट्रेनर कारी वसी अशरफ की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित की गई
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: मौहल्ला ठेर थाना सम्भल स्थित मदरसा अजमल उलूम में जिला हज ट्रेनर कारी वसी अशरफ की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने हज यात्रा 2025 से जुड़े नए प्रावधानों, विशेषकर स्मार्ट बैंड और मेडिकल नियमों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
पत्रकार के सवाल पर कि हज यात्रियों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले स्मार्ट बैंड के बारे में उनकी क्या राय है, कारी वसी अशरफ ने कहा कि यह कदम हुकूमत का बेहद सराहनीय और हाजियों के लिए राहत देने वाला है। उन्होंने बताया कि हज के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय हाजी, विशेषकर कम पढ़े-लिखे और बुजुर्ग लोग, रास्ता भूल जाने की समस्या से जूझते हैं। मक्का की बिल्डिंगों से लेकर जमरात (शैतान को कंकरियां मारने) तक के रास्तों में 99 प्रतिशत हाजी भटक जाते हैं। अरबी और अंग्रेजी में लगे नक्शे समझ पाना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है, जिसके कारण वो दिन-रात परेशान रहते हैं। कारी अशरफ ने बताया कि नई स्मार्ट बैंड तकनीक के जरिए हाजियों की लोकेशन हज सुविधा ऐप से जुड़ी रहेगी। मक्का और मदीना में बने भारतीय सरकारी ब्रांच ऑफिस लगातार इनकी निगरानी करेंगे। यदि कोई हाजी रास्ता भटकता है तो स्मार्ट बैंड पर अलर्ट मिलेगा, और तुरंत इंडियन हज मिशन के खुद्दाम मौके पर पहुंचकर उन्हें सही जगह तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
मेडिकल सुविधाओं और नई पाबंदियों पर उन्होंने बताया कि सऊदी सरकार ने पहली बार सख्त नियम लागू किए हैं। 2024 में बड़ी संख्या में हुई मौतों के चलते अब गंभीर बीमारियों को छुपाकर जाने वालों पर रोक लगा दी गई है। यदि कोई हाजी बीमारी छुपाकर यात्रा पर जाता है, तो उसे बिना हज कराए सीधे भारत वापस भेज दिया जाएगा। साथ ही फर्जी या गलत मेडिकल रिपोर्ट देने वाले डॉक्टरों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। कारी वसी अशरफ ने कहा कि इस बार की व्यवस्थाएं हाजियों की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए काफी मजबूत की गई हैं, और सरकार का यह कदम काबिले तारीफ है।
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