Hardoi : हरदोई में डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र की जयंती पर संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन सेवा समिति हरदोई की लाइब्रेरियन सीमा मिश्र ने बताया कि जनपद हरदोई के गांव खद्दीपुर गढ़िया में पली-बढ़ी बहु

Nov 16, 2025 - 23:28
 0  29
Hardoi : हरदोई में डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र की जयंती पर संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ
Hardoi : हरदोई में डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र की जयंती पर संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ

हरदोई। जनपद की बहुभाषाविद साहित्यकार डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र, पूर्व निदेशक बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना की जयंती पर आधुनिक भव अभियान के तहत सर्वत्र संस्कृत साहित्य विमर्श का सिलसिला शुरू हो गया। इसी कड़ी में हरदोई से पटना, चेन्नई, इटौंजा लखनऊ तक हिंदी, संस्कृत और तमिल-हिंदी भाषा संगम समारोह आयोजित होंगे। इनमें भाषा विमर्श, साहित्य साधक सम्मान समेत विभिन्न रूपों में जयंती मनाई जाएगी।

डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र जयंती संस्कृत संभाषण शिविर का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व विशेष सचिव गृह एवं राज्य लोकपाल न्यायाधिकरण के सदस्य डॉ. अनिल कुमार सिंह ने उन्हें संस्कृत एवं हिंदी की अनन्य साधिका बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र ने विभिन्न भाषाओं में रचनाएं कर भाषा संगम के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूती दी।

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन सेवा समिति हरदोई की लाइब्रेरियन सीमा मिश्र ने बताया कि जनपद हरदोई के गांव खद्दीपुर गढ़िया में पली-बढ़ी बहुभाषाविद साहित्यकार डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र की जयंती पर आधुनिक भव संस्कृत वद अभियान और सर्वत्र संस्कृत की सहभागिता से बिहार संस्कृत संजीवन समाज पटना की ओर से शुरू हुआ दस दिवसीय संस्कृत शिक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर 22 नवंबर तक चलेगा।

संस्कृत शिविर की अध्यक्षता करते हुए अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुकेश ओझा ने कहा कि बहुभाषाविद साहित्यकार एवं बिहार राष्ट्रभाषा परिषद की पूर्व निदेशक डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र जीवन भर संस्कृत एवं हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहीं। बिहार संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव के रूप में संस्कृत भाषा एवं साहित्य के विकास के साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए उन्होंने सार्थक प्रयास किए। डॉ. मिश्र ने संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ पाली, प्राकृत, बंगला, तमिल, तेलुगु में काव्य रचनाएं कीं।

डॉ. ओझा के अनुसार ग्यारह दिवसीय संस्कृत शिविर में शामिल देश भर के संस्कृतज्ञों को 7 दिसंबर को पटना में आयोजित डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र जयंती समारोह में डॉ. अनिल कुमार सिंह के संरक्षकत्व में सम्मानित किया जाएगा।

अभियान के संरक्षक एवं पूर्व संयुक्त निदेशक पेंशन उत्तर प्रदेश धर्मेंद्र पति त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र का पूरा जीवन संस्कृत-हिंदी साहित्य को समर्पित रहा। संस्कृतज्ञ उग्रनारायण झा, डॉ. नीरा कुमारी, विशिष्ट अतिथि डॉ. मधु कुमारी, डॉ. लीना चौहान, सुजाता घोष, डॉ. रागिनी कुमारी आदि वक्ताओं ने डॉ. मिश्र के साहित्यिक जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार की जरूरत पर जोर दिया। शिविर में देश भर के संस्कृत प्रेमी शामिल रहे।

देश भर में जयंती का सिलसिला श्री सरस्वती सदन की लाइब्रेरियन सीमा मिश्र के अनुसार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना के प्रधानमंत्री समालोचक डॉ. शिववंश पांडेय के संयोजन में 1 दिसंबर को हिंदी साहित्य सम्मेलन सभागार में स्मृति समारोह होगा। चेन्नई में तमिल एवं हिंदी की साहित्यकार डॉ. आर. कल्पना के संयोजन में डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र जयंती पर भाषा संगम समारोह आयोजित होगा, जिससे दक्षिण और उत्तर भारत के भाषाई समन्वय को मजबूती मिलेगी। हिंदी साहित्य के इतिहास के तुलनात्मक अध्ययन के जनक मिश्रबंधु की नगरी इटौंजा लखनऊ में 30 नवंबर को साहित्य और समाज विषयक विचार गोष्ठी होगी। वहीं 1 दिसंबर को उनके गृह जनपद में श्री सरस्वती सदन सेवा समिति हरदोई में शिक्षा और साहित्य संवर्धन विषयक विचार गोष्ठी होगी। इसमें साहित्यसेवी सम्मान के साथ संस्कृत एवं हिंदी की प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। पटना एवं चेन्नई में होने वाले समारोहों में हरदोई से उनके परिजनों को आमंत्रित किया गया है।

हिंदी में रची थाई रामायण सीमा मिश्र के अनुसार बहुभाषाविद साहित्यकार डॉ. मिथलेश कुमारी मिश्र ने हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी आदि भाषाओं में महाकाव्य, खंडकाव्य रचे। देवयानी महाकाव्य रचकर वे हिंदी जगत में पहली महिला महाकाव्य रचयिता बनीं। थाई रामायण श्रीरामकीर्तिम का हिंदी पद्यानुवाद रचकर उन्होंने विश्व मंच पर हिंदी को बढ़ावा दिया।

Also Click : Hardoi : पुलिस लाइन से हुई चोरी का खुलासा - पुलिस ने चोरी के सोने-चांदी के गहने बरामद किए, चार महिलाओं सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow