Prayagraj : राष्ट्रीय शिल्प मेला-2025 का भव्य शुभारंभ, पद्मश्री मालिनी अवस्थी के लोकगीतों ने बांधा समां, संगम नगरी बही सांस्कृतिक रंगत

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शंख-डमरू की गूंज से हुई। इसके बाद पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने गंगा मैया को नमन करते हुए एक के बाद एक लोकप्रिय रचनाएँ पेश कीं। “मो

By INA News Desk
Dec 1, 2025 - 23:37
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Prayagraj : राष्ट्रीय शिल्प मेला-2025 का भव्य शुभारंभ, पद्मश्री मालिनी अवस्थी के लोकगीतों ने बांधा समां, संगम नगरी बही सांस्कृतिक रंगत
एनसीजेडसीसी में गीत प्रस्तुत करतीं पद्मश्री मालिनी अवस्थी।

प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) द्वारा आयोजित दस दिवसीय ‘राष्ट्रीय शिल्प मेला-2025’ का सोमवार शाम शिल्प हाट परिसर में धूमधाम से उद्घाटन हुआ। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मूर्त रूप देते हुए देश के कोने-कोने से आए शिल्पकारों और लोक कलाकारों ने अपनी कला से माहौल को रंग-बिरंगा बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा तथा कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मुनीर ने कहा कि पिछले चार दशकों से एनसीजेडसीसी लोक कलाओं और हस्तशिल्प की अमूल्य विरासत को सहेजने का सराहनीय कार्य कर रहा है। स्वदेशी शिल्प आत्मनिर्भरता के साथ-साथ राष्ट्र गौरव को भी मजबूती प्रदान करते हैं। यही कारण है कि यह मेला अब प्रयागराज की पहचान बन चुका है।

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शंख-डमरू की गूंज से हुई। इसके बाद पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने गंगा मैया को नमन करते हुए एक के बाद एक लोकप्रिय रचनाएँ पेश कीं। “मोरे राम जोगिनी बनिहौं”, “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस”, “रेलिया बैरन पिया को लिये जाए रे”, “सावन आया रे” और होली के रसिया गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से लगातार गूंजता रहा।

लोक नृत्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। असम की स्वागता शर्मा और उनके दल ने बिहू नृत्य से असम की मिट्टी की खुशबू बिखेरी। मध्य प्रदेश के जुगल किशोर और साथियों ने “जनक लियौ रघुरैया अवध में बाजे बधइया” पर रंग-बिरंगे परिधानों में बधाई और नौरता नृत्य प्रस्तुत किया। हरियाणा के प्रदीप कुमार बमनी व दल ने फाग नृत्य से देवर-भाभी के नोक-झोक और प्रेम को जीवंत किया। झांसी की राधा प्रजापति और दल ने राई नृत्य तथा रामबाबू यादव ने बिरहा और बनिके मनिहारी श्याम की मार्मिक प्रस्तुति दी।

मेले के पहले दिन सबसे बड़ा आकर्षण रही विभिन्न प्रांतों के कलाकारों की भव्य शोभायात्रा। एनसीजेडसीसी परिसर से शुरू होकर यह शोभायात्रा सिविल लाइंस, इंदिरा गांधी चौराहा, पत्थर गिरजाघर और सुभाष चौराहा होते हुए गुजरी। रास्ते में उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष स्वाती निरखी, क्षेत्रीय पार्षद नीरज जायसवाल, संजय पुरुषार्थी, पंकज जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने कलाकारों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। लोक वाद्यों की धुन और नृत्य देखते हुए सड़क के दोनों तरफ खड़ी भीड़ झूम-झूम कर तालियाँ बजाती रही।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा मधुर ने किया। दस दिन तक चलने वाले इस मेले में देशभर के सैकड़ों शिल्पकार अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ मौजूद हैं।

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