Prayagraj: प्रयागराज से भी जुड़े कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के तार, पुलिस के खड़े हुए कान, लाखों बोतलें झारखंड से मंगाकर कई शहरों में की गई सप्लाई। 

कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के तार प्रयागराज से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस को कफ सिरप की अवैध खरीद फरोख्त के नेटवर्क शहर में मिले

By INA News Desk
Dec 13, 2025 - 19:48  · Updated: Dec 13, 2025 - 21:12
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Prayagraj: प्रयागराज से भी जुड़े कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के तार, पुलिस के खड़े हुए कान, लाखों बोतलें झारखंड से मंगाकर कई शहरों में की गई सप्लाई। 
प्रयागराज से भी जुड़े कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के तार, पुलिस के खड़े हुए कान, लाखों बोतलें झारखंड से मंगाकर कई शहरों में की गई सप्लाई। 

प्रयागराज। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के तार प्रयागराज से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस को कफ सिरप की अवैध खरीद फरोख्त के नेटवर्क शहर में मिले हैं। यहां दो अलग अलग फर्मों के द्वारा कोडीन युक्त कफ सिरप की लाखों बोतलें बगैर किसी वैध दस्तावेज के खरीदने और बेचने के दर्ज दो मुकदमों में एक मामले की जांच पड़ताल में कई तथ्य सामने आए हैं। इससे पुलिस के कान खड़े हो गए। एयरपोर्ट थाने में दर्ज एक मामले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि कफ सिरप की कई बड़ी खेत रांची झारखंड से मंगाई गई और वाराणसी सहित कई शहरों में अवैध रूप से इसकी सप्लाई की गई। चौंकाने वाली बात यह कि 9 लाख बोतल सिरप के कारोबार का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोडीन युक्त कफ सिरप के लगभग 10 लाख बोतलों का कारोबार बिना किसी रिकॉर्ड के किया गया। शुरुआती छानबीन में यह भी सामने आया कि मेसर्स शैली ट्रेडर्स, दुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया, हटिया, रांची झारखंड की ओर से यूपी में बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप सप्लाई किया गया। इनमें से 9,67,724 बोतल कफ सिरप धूमनगंज के लखनपुर स्थित एमके हेल्थ केयर को भेजी गई। यह सप्लाई 15 जनवरी से 24 जून तक हुई। सूत्रों के मुताबिक, खरीदी गई कफ सिरप में से करीब 90 हजार बोतलों की सप्लाई वाराणसी के सारनाथ की फर्म को की गई, लेकिन बाकी के संबंध में फर्म की ओर से कोई रिकॉर्ड नहीं प्रस्तुत किया जा सका। ऐसे में माना जा रहा है कि सिरप को भारी मात्रा में गैर चिकित्सीय नशा के रूप में प्रयोग करने के लिए बेचा गया। पुलिस अब प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है। गौरतलब है कि 29 नवंबर को एयरपोर्ट थाने में एमके हेल्थ केयर के प्रोपराइटर मोहम्मद सैफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि जनवरी से जून 2025 तक करीब 10 लाख बोतलें खरीदी और बेची गई, लेकिन जब विभाग ने रिकार्ड मांगा तो प्रोपाइटर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। यहां तक कि फर्म ने ना तो स्टाक का हिसाब दिया और न ही ट्रांसपोर्ट की कोई जानकारी उपलब्ध करा सका।

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