संभल हिंसा: सांसद जिया उर रहमान के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, कहा- हमारे सांसद वहां थे नहीं तो एफआईआर संभल में कैसे

अखिलेश यादव ने कहा, "हमारे सांसद जिया उर रहमान संभल में थे ही नहीं, इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह सरकार द्वारा किया गया दंगा है। कोर्ट द्वारा आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद ही पुलिस और प्रशासन सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच गए। कहा, 23 नवंबर को पुलिस प्रशासन ने...

By INA News Desk
Nov 26, 2024 - 00:18
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संभल हिंसा: सांसद जिया उर रहमान के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, कहा- हमारे सांसद वहां थे नहीं तो एफआईआर संभल में कैसे

By INA News Sambhal.

संभल में हुयी हिंसा के मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की एंट्री हो चुकी है। अखिलेश यादव ने कहा, "हमारे सांसद जिया उर रहमान संभल में थे ही नहीं, इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह सरकार द्वारा किया गया दंगा है। कोर्ट द्वारा आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद ही पुलिस और प्रशासन सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच गए।

कहा, 23 नवंबर को पुलिस प्रशासन ने कहा था कि अगली सुबह 24 तारीख को दूसरा सर्वे किया जाएगा। पुलिस प्रशासन को यह आदेश किसने दिया? जब लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसका विरोध करते हुए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। बदले में पुलिस कांस्टेबल से लेकर अधिकारी तक सभी ने अपने सरकारी और निजी हथियारों से गोलियां चलाईं। जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। इससे कई लोग घायल हो गए। पांच निर्दोष लोगों की मौत हो गई।

संभल का माहौल खराब करने के लिए पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ-साथ याचिका दायर करने वाले लोग भी जिम्मेदार हैं। उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए ताकि लोगों को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई भी संविधान के खिलाफ ऐसी गैरकानूनी घटना न कर सके और न्याय दिया जा सके।

सांसद जिया उर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे के खिलाफ हुयी है एफआईआर दर्ज...
मुरादाबाद के पुलिस कमिश्नर अंजनेय कुमार सिंह ने सोमवार को पुष्टि की कि संभल की घटना में आरोपियों में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद और एक स्थानीय विधायक का बेटा शामिल है, उन्होंने आगे कहा कि हिंसा स्थल पर स्थिति अब शांतिपूर्ण है, और जांच चल रही है। "संभल में स्थिति शांतिपूर्ण है। जांच चल रही है।
एफआईआर दर्ज की गई हैं। संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे के खिलाफ भड़काने के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। पांच लोगों की मौत हो गई है। घायलों का इलाज किया जा रहा है।
मुरादाबाद के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सख्त कार्रवाई की जाएगी, अगर जरूरत पड़ी तो एनएसए भी लगाया जाएगा। युक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में जिया उर रहमान बर्क और सोहेल इकबाल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया को संबोधित करते हुए एसपी बिश्नोई ने कहा, "कल घायल हुए हमारे सब-इंस्पेक्टर दीपक राठी ने 800 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जिया उर रहमान बर्क और सोहेल इकबाल को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भीड़ को उकसाया। बर्क को पहले भी नोटिस दिया गया था।
क्या बोले समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क..

संभल हिंसा पर समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि उन्होंने कहा कि यह पुलिस प्रशासन की साजिश है. जब जनता को पता ही नहीं है कि आप कब सर्वे के लिए आ रहे हैं, तो वे क्या साजिश करेंगे?... साजिश के तहत उन्होंने हथियारों का इस्तेमाल किया है, उन्होंने हमारे 5 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है, कई अन्य घायल हैं, झूठा मामला दर्ज किया गया है...मैं चाहता हूं कि इन अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।
संभल में पुलिस प्रशासन ने जो घटना को अंजाम दिया है, उसने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है और प्रदेश और देश की छवि को धूमिल किया है...कल मैं प्रदेश में भी मौजूद नहीं था, संभल तो दूर की बात है, मैं इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में शामिल होने बेंगलुरु गया था, लेकिन मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
यह है मामला..
बता दें कि सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क और सोहेल इकबाल के खिलाफ दंगा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ कुल 7 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ड्रोन इमेज से दंगाइयों के पोस्टर बनाकर उनकी पहचान की जा रही है। सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क और सोहेल इकबाल सहित 6 लोगों के खिलाफ थाना संभल कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसमें जनता को भड़काने, दंगा करवाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में नामजद करते हुए मुकद्दमा दर्ज किया गया है। दंगे के दौरान एसडीएम के पैर में गंभीर चोट आई। सीओ सदर के पैर में दंगाइयों की गोली लगी है।

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