Sitapur : मिश्रिख ब्लॉक में फर्जी बिलों से सरकारी पैसे की लूट का आरोप
ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में ईंटें वह कहां से और किस दर पर सप्लाई कर रही है। यह स्थिति संदेह पैदा करती है। इसकी हकीकत खंड विकास अधिकारी, पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
मिश्रिख विकास खंड की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए सामग्री खरीद का भुगतान ब्लॉक में दर्ज फर्मों के असली बिलों से होना चाहिए। लेकिन यहां एक दर्ज फर्म पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी पैसे की हेराफेरी करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, मिश्रिख ब्लॉक में दर्ज राहुल ट्रेडर्स नाम की फर्म महमूदपुर भिठौली गांव में है। यह फर्म ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट, पत्थर और नल की सामग्री सप्लाई करने का दावा करती है। हैरानी की बात है कि फर्म ईंट सप्लाई तो दिखाती है, लेकिन उसके मालिक का कोई ईंट भट्ठा नहीं है। अगर मान लें कि वह इंटरलॉकिंग या सीमेंट वाली ईंटें सप्लाई करती है, तब भी उसके पास कोई निर्माण इकाई दर्ज नहीं है।
ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में ईंटें वह कहां से और किस दर पर सप्लाई कर रही है। यह स्थिति संदेह पैदा करती है। इसकी हकीकत खंड विकास अधिकारी, पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ही अच्छी तरह जानते हैं। मामला इससे आगे बढ़ता है। राहुल ट्रेडर्स से जुड़ा एक और मामला लोहार खेड़ा ग्राम पंचायत में सामने आया। यहां फर्म ने फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान सप्लाई करने का बिल लगाया, जिसकी रकम एक लाख चौहत्तर हजार आठ सौ रुपये थी। जबकि फर्म का पंजीकरण सिर्फ भवन निर्माण सामग्री तक सीमित है।
फर्म इस तरह की सामग्री का व्यापार करती ही नहीं। शक है कि कहीं से सस्ती और घटिया सामग्री लेकर ऊंची कीमत पर फर्जी बिल बनाए गए। कमीशन के लालच में पंचायत सचिव और ब्लॉक के जिम्मेदार लोगों ने इसे भुगतान के लिए पास कर दिया। यह पूरी घटना सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल और बड़े घोटाले की ओर इशारा करती है। अब सवाल है कि इस अनियमितता की जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या जिला तथा राज्य प्रशासन इसकी निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा।
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