Kasganj News: पापांकुशी एकादशी श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा कर उठाया पुण्यलाभ।

हर हर गंगे की ध्वनि से गुंजायिमान हुए गंगाघाट, मंदिरों में हुई पूजा....

Oct 14, 2024 - 10:55
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Kasganj News: पापांकुशी एकादशी श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा कर उठाया पुण्यलाभ।

कासगंज: तीर्थ स्थल सोरों जी में पापांकुशी एकादशी पर रविवार को श्रद्धालुओं द्वारा पंचकोसीय परिक्रमा लगा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया, भगवान श्री वराह और गंग मैया की जय के नारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने  परिक्रमा मार्ग गुंजायमान कर दिए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना पुण्य लाभ कमाया।

इस एकादशी पर ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में सुबह सात बजे वराह मंदिर विश्राम घाट प्रांगण से हरि कीर्तन के साथ परिक्रमा प्रारंभ हुई। तीर्थ यात्री परिक्रमा लगाते हुए गंगा मैया और वराह भगवान की जय-जयकार कर रहे थे। वराह गोशाला पर विक्की दानोरिया एवं अन्य भक्तों ने प्रसाद वितरण किया। परिक्रमा का दूसरा पड़ाव सूर्य कुंड पर हुआ। श्रद्धालुओं ने दूधेश्वर, चंद्र कुंड, सीता राम मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थान, चौरासी घंटा वाली माता मंदिर में पहुंचकर देवदर्शन किए। ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष शरद पांडेय ने  पापांकुशी एकादशी के महत्व पर प्रकाश डाला।

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कहा कि महाभारत काल में स्वयं भगवान श्री कृष्ण द्वारा धर्मराज युधिष्ठिर को पापाकुंशा एकादशी का महत्व बताया गया है।भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि यह ब्रह्माण्ड पाप का निरोध है अर्थात पाप कर्मों से रक्षा करता है। इस एकादशी व्रत से मनुष्य को अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के संचित पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा और ब्राह्मणों को दान और दक्षिणा देनी चाहिए। इस दिन सिर्फ फलाहार ही किया जाता है।

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