बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी कर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, 14 महिलाओं का सफल रेस्क्यू

बचाई गई महिलाओं को उचित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है और उनकी काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी और अन्य संबंधित धाराओं में मु

Dec 14, 2025 - 11:01
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बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी कर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, 14 महिलाओं का सफल रेस्क्यू
बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी कर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, 14 महिलाओं का सफल रेस्क्यू

गुजरात के भरूच जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट में बांग्लादेश से महिलाओं को नौकरी का लालच देकर भारत लाया जाता था और उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। भरूच क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मुख्य आरोपी बांग्लादेशी नागरिक फारूक शेख सहित चार दलालों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में 14 महिलाओं को बचाया गया, जिनमें 12 बांग्लादेशी हैं और दो पश्चिम बंगाल की हैं।

यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और महिलाओं को अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत लाता था। फारूक शेख करीब 10 साल पहले अवैध रूप से भारत आया था और पश्चिम बंगाल से फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारतीय पहचान प्राप्त कर ली थी। वह बांग्लादेश में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को घरेलू काम, ब्यूटी पार्लर या सैलून में नौकरी का झांसा देकर भारत लाता था। इन महिलाओं को गुजरात के भरूच और अंकलेश्वर के अलावा गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में स्पा सेंटर और गेस्ट हाउसों में भेजा जाता था, जहां उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस रैकेट के तहत कई महिलाएं भरूच और अंकलेश्वर क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और एक साथ विभिन्न स्पा सेंटर्स और गेस्ट हाउसों पर छापेमारी की गई। इन छापों में कई महिलाएं मिलीं, जिन्होंने पुलिस को बताया कि वे नौकरी की तलाश में सीमा पार करके आई थीं, लेकिन यहां पहुंचकर उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया गया। बचाई गई 14 महिलाओं में से 12 के पास बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र मिले, जबकि दो महिलाएं पश्चिम बंगाल की बताई गई हैं। फारूक शेख से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अब तक करीब 60 महिलाओं को बांग्लादेश से भारत ला चुका है। वह इन महिलाओं को विभिन्न एजेंटों के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करता था। गिरफ्तार चारों दलालों में फारूक मुख्य एजेंट था, जबकि अन्य तीन उसके सहयोगी थे जो महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्पा और गेस्ट हाउसों तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई जगहों से महिलाओं को मुक्त कराया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

यह रैकेट अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था और महिलाओं को विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। भरूच और अंकलेश्वर में कई स्पा सेंटर्स इस रैकेट से जुड़े पाए गए, जहां संचालक और अन्य लोग भी इस गतिविधि में शामिल थे। पुलिस ने इन जगहों से महिलाओं को बचाने के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेज और सबूत भी जब्त किए। बचाई गई महिलाओं ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें झांसे में लाकर भारत लाया गया और फिर मजबूरी में देह व्यापार करने पर विवश किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने भरूच शहर और अंकलेश्वर के विभिन्न इलाकों में एक साथ ऑपरेशन चलाया। स्पा सेंटर्स में छापा मारते समय कई संचालक और महिलाएं मौजूद मिलीं। महिलाओं की पहचान बांग्लादेशी और कोलकाता की बताई गई। पुलिस ने सभी महिलाओं से बातचीत की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। जिन महिलाओं ने अपनी इच्छा के विरुद्ध होने की बात कही, उन्हें तुरंत मुक्त कराया गया। फारूक शेख और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रैकेट के अन्य संभावित लिंक्स की जांच शुरू कर दी है। यह रैकेट बांग्लादेश से महिलाओं को अवैध रूप से लाने और उन्हें विभिन्न शहरों में सप्लाई करने का काम करता था। महिलाओं को नौकरी के नाम पर लुभाया जाता था, लेकिन भारत आने के बाद उनकी स्थिति बदल दी जाती थी। इस रैकेट में शामिल लोग महिलाओं को स्पा और गेस्ट हाउसों में रखकर ग्राहकों को उपलब्ध कराते थे।

बचाई गई महिलाओं को उचित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है और उनकी काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिसमें रैकेट के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है। इस ऑपरेशन में कुल 14 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जो विभिन्न स्पा और गेस्ट हाउसों से बचाई गईं। महिलाओं के पास मिले दस्तावेजों से उनकी बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि हुई। पुलिस ने इन महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनकी आगे की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। रैकेट के मुख्य आरोपी फारूक शेख के अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों का भी खुलासा हुआ है। भरूच पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में मानव तस्करी के ऐसे रैकेट्स पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। जांच में सामने आया कि महिलाओं को विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा था, जिससे यह अंतरराज्यीय नेटवर्क साबित होता है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

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