सवा करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA में 2% की मामूली बढ़ोत्तरी, सात सालों में सबसे कम वृद्धि का अनुमान। 

केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डियरनेस अलाउंस (डीए) में बढ़ोत्तरी को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है,

Dec 11, 2025 - 12:45
Dec 11, 2025 - 13:46
 0  46
सवा करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA में 2% की मामूली बढ़ोत्तरी, सात सालों में सबसे कम वृद्धि का अनुमान। 
सवा करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA में 2% की मामूली बढ़ोत्तरी, सात सालों में सबसे कम वृद्धि का अनुमान। 

केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डियरनेस अलाउंस (डीए) में बढ़ोत्तरी को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है, जिसमें केवल 2% की वृद्धि का अनुमान जताया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी, जिससे DA की दर 53% से बढ़कर 55% हो जाएगी। यह सात वर्षों में सबसे कम बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि पिछले कई वर्षों से DA में 3% या उससे अधिक की वृद्धि होती रही है। इस निर्णय से लगभग 48.66 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66.55 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा, जो कुल मिलाकर सवा करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा। वित्तीय प्रभाव के रूप में, इस बढ़ोत्तरी से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष लगभग 6,614 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। DA की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के 12 मासिक औसत पर आधारित है, जिसमें जुलाई से दिसंबर 2024 तक के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। दिसंबर 2024 में एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू में 0.8 अंकों की कमी दर्ज की गई, जो 143.7 पर पहुंच गया, जिसके कारण वृद्धि सीमित रही। यह घोषणा यूनियन कैबिनेट द्वारा की गई, और यह सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत अंतिम प्रमुख समायोजन में से एक है।

सातवें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है, और इसके बाद आठवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन की प्रक्रिया शुरू होगी। आठवें वेतन आयोग का गठन 16 जनवरी 2025 को कर दिया गया है, और इसे अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन की सटीक तिथि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन अनुमान है कि यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है। DA वृद्धि दो बार में की जाती है - जनवरी और जुलाई से, लेकिन घोषणा मार्च और अक्टूबर में होती है। इस बार जनवरी 2025 की वृद्धि की घोषणा होली से पहले अपेक्षित थी, लेकिन विलंब के कारण यह मार्च के अंत में हुई। दिसंबर 2024 के एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू डेटा के आधार पर, वृद्धि 2% ही रहने का अनुमान था, जो अब पुष्ट हो गया है। पिछले वृद्धि में अक्टूबर 2024 में 3% की बढ़ोत्तरी की गई थी, जिससे DA 50% से 53% हो गया था। मार्च 2024 में 4% की वृद्धि से यह 46% से 50% पहुंचा था। इन वृद्धियों से कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से राहत मिलती रही है। DA की गणना का सूत्र सातवें वेतन आयोग के अनुसार है, जिसमें पिछले 12 महीनों के एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू के औसत का उपयोग किया जाता है। आधार वर्ष 2016=100 के अनुसार, जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक के औसत ने 2% की वृद्धि का संकेत दिया। उदाहरण के लिए, लेवल 1 के कर्मचारी, जिनका न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है, को इस वृद्धि से 360 रुपये मासिक की अतिरिक्त राशि मिलेगी। उच्च लेवल के कर्मचारियों को इससे अधिक लाभ होगा, जैसे लेवल 10 के लिए लगभग 1,800 रुपये मासिक। पेंशनभोगियों को डियरनेस रिलीफ (डीआर) के रूप में समान वृद्धि मिलेगी, जो उनकी पेंशन का 2% बढ़ाएगी। यह वृद्धि जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025 के लिए एरियर्स के साथ अक्टूबर 2025 के वेतन में समायोजित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आठवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन तक DA वृद्धियां जारी रहेंगी, और उसके बाद मौजूदा DA को मूल वेतन में विलय किया जा सकता है। यह विलय DA को 50% पार करने पर अनिवार्य हो जाता है, जो पहले ही हो चुका है।

आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद, यह समिति वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन लाभों की समीक्षा करेगी। अनुमान है कि इससे वेतन में 30-50% की वृद्धि हो सकती है, लेकिन सटीक आंकड़े रिपोर्ट पर निर्भर करेंगे। सातवें वेतन आयोग के तहत DA की निरंतर वृद्धि ने कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखा है, लेकिन इस बार की 2% वृद्धि मुद्रास्फीति के मध्यम स्तर के कारण हुई। 2024 में एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू में उतार-चढ़ाव देखा गया, जैसे अक्टूबर में 4.41% की मुद्रास्फीति, नवंबर में 3.88%, दिसंबर में 3.53%, जनवरी 2025 में 3.10% और फरवरी 2025 में 2.59%। ये आंकड़े लेबर ब्यूरो, शिमला द्वारा जारी किए जाते हैं। DA वृद्धि महंगाई भत्ता के रूप में कार्य करती है, जो मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत है और जीवनयापन की लागत में वृद्धि को समायोजित करती है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य है, जबकि राज्य सरकारें इसका अनुसरण कर सकती हैं। इस वृद्धि का प्रभाव व्यापक होगा, क्योंकि यह न केवल वेतन और पेंशन बढ़ाएगी, बल्कि यात्रा भत्ता, चिकित्सा भत्ता और अन्य संबद्ध भत्तों पर भी असर डालेगी। उदाहरणस्वरूप, घर किराया भत्ता (एचआरए) और परिवहन भत्ता (टीए) DA पर निर्भर होते हैं। सातवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के बाद से DA 0% से बढ़कर 55% हो गया है, जो मुद्रास्फीति के ट्रेंड को दर्शाता है। 2020-2021 के दौरान महामारी के कारण DA वृद्धि स्थगित रही थी, लेकिन उसके बाद नियमित समायोजन हुए। इस बार की वृद्धि जुलाई 2018 के बाद सबसे कम है, जब भी 2% की बढ़ोत्तरी हुई थी। सरकार ने घोषणा में कहा कि यह वृद्धि मूल वेतन/पेंशन के 53% से 55% तक ले जाएगी, जो मूल्य वृद्धि के विरुद्ध मुआवजा प्रदान करेगी। पेंशनभोगियों के लिए डियरनेस रिलीफ समान रूप से लागू होगा, जिससे उनकी मासिक पेंशन में वृद्धि होगी।

आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के इंतजार में, जुलाई-दिसंबर 2025 की DA वृद्धि दीवाली के आसपास घोषित की जाएगी, जो सातवें आयोग के अंतर्गत अंतिम होगी। अनुमान है कि यह 3% के आसपास हो सकती है, DA को 58% तक ले जाते हुए। आयोग की सिफारिशें वेतन मैट्रिक्स, प्रमोशन मानदंडों और भत्तों को संशोधित करेंगी। वर्तमान में, DA गणना के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (2001=100) श्रृंखला का उपयोग होता है, जिसे लिंकिंग फैक्टर 2.88 से समायोजित किया जाता है। जून 2024 से मई 2025 तक का औसत 143.3 रहा, जो 2001 श्रृंखला में 412.7 के बराबर है। यह सूत्र DA प्रतिशत निर्धारित करता है: DA (%) = [(औसत एआईसीपीआई - 126.33) / 126.33] x 100। इस फॉर्मूले ने वृद्धि को सीमित रखा। कर्मचारियों को अप्रैल 2025 के वेतन में जनवरी-मार्च के एरियर्स मिलेंगे। केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA एक महत्वपूर्ण घटक है, जो मुद्रास्फीति से सुरक्षा प्रदान करता है। इस वृद्धि से कुल लाभार्थियों की संख्या 1.15 करोड़ से अधिक है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस खर्च को समायोजित किया गया है। आठवें वेतन आयोग के तहत, DA को मूल वेतन में विलय करने से नई संरचना बनेगी, जिसमें न्यूनतम वेतन 18,000 से बढ़ सकता है। सातवें आयोग ने 2016 में न्यूनतम वेतन 7,000 से बढ़ाकर 18,000 किया था, और DA तब से बढ़ता रहा। इस वृद्धि की घोषणा से कर्मचारियों को कुछ राहत मिलेगी, हालांकि अपेक्षाएं अधिक थीं। अगली वृद्धि जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिसकी गणना जनवरी-जून 2025 के एआईसीपीआई पर आधारित होगी। लेबर ब्यूरो के आंकड़े नियमित रूप से जारी होते हैं, जो निर्णय प्रक्रिया को निर्देशित करते हैं।

Also Read- Ayodhya : सरयू तट पर बस्तर की रामायण कालीन औषधियां लगेंगी, औषधि पार्क में सजेगी दंडकारण्य की दुर्लभ जड़ी-बूटियां

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।